जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़:

एमआइई पार्ट बी की कूलर बनाने वाली फैक्टरी में लगी आग के मामले में नगर परिषद की चेयरर्पसन शीला राठी ने भी कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने नप के कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखकर सवाल पूछा है कि फैक्टरी में आग से हुई दो इंजीनियरों की मौत का जिम्मेदार कौन है। साथ ही पत्र में यह भी पूछा गया है कि बहादुरगढ़ शहर में चल रही कितनी फैक्टरियों के पास फायर एनओसी है। जिनके पास एनओसी नहीं है उनके खिलाफ फायर अधिकारियों की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है। चेयरपर्सन शीला राठी ने ईओ से चार सवाल पूछते हुए इस पूरे मामले की रिपोर्ट दो दिन में देने के आदेश दिए हैं। चेयरपर्सन के पत्र को लेकर नप के ईओ का कहना है कि वे फायर अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट लेंगे तथा फायर एनओसी को लेकर शहर की फैक्टरियों का सर्वे भी कराया जाएगा। गौरतलब है कि शहर में करीब 400 फैक्टरियों के पास ही फायर एनओसी है, जबकि शहर में इस समय 5 हजार से ज्यादा फैक्टरियां चल रही हैं। अधिकांश फैक्टरियां बिना फायर एनओसी के ही चल रही हैं, जिनके खिलाफ फायरब्रिगेड की ओर से कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। नप चेयरपर्सन ने पूछे ये चार सवाल:

1. जिस फैक्ट्री में आग लगी उसके पास फायर एनओसी थी या नहीं। एनओसी थी तो उसका नंबर और उसकी वैधता अवधि कब तक की थी।

2. क्या उस फैक्ट्री में आग से बचाव के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे अगर नहीं तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

3. कूलर फैक्ट्री में लगी आग तथा उसमें हुई मौतों का जिम्मेदार कौन है।

4. क्या एमआइई पार्ट ए व बी, गणपति धाम तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कितनी और फैक्ट्री हैं जिसके पास फायर एनओसी नहीं है। वर्जन..

बहादुरगढ़ शहर में चल रही अधिकांश फैक्टरियों के पास फायर एनओसी नहीं है। जब भी फायर के अधिकारियों से पूछताछ होती है तो वे पावर न होने का हवाला दे देते हैं। शुक्रवार को लगी आग के मामले में मैंने नप के ईओ से पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

----शीला राठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, बहादुरगढ़। वर्जन..

फायर से संबंधित अधिकारियों को शहर में चल रही फैक्टरियों का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर यह पता लगाने के भी निर्देश दिए हैं कि किस फैक्टरी के पास एनओसी है और किसके पास नहीं। यह डाटा आने के बाद आगामी कार्रवाई करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को पत्र लिखा जाएगा। उसके बाद निदेशक के आदेशों पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।

------अरुण कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, बहादुरगढ़।

Posted By: Jagran

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