जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :

कोरोना की तीसरी लहर के बीच सुरक्षा नियमों को लेकर अभी भी काफी लोग बेपरवाह बने हुए हैं। ऐसे में प्रशासन सख्त हो गया है। शनिवार को खुद एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने सड़कों पर चेकिग की। बिना मास्क वालों पर सख्ती दिखाई गई। पहले उनसे पूछताछ की गई। लापरवाही बरतने वालों के चालान काटे गए। उन्हें ताकीद भी किया गया। बालौर चौक के आसपास एसडीएम की मौजूदगी में 20 चालान काटे गए। यहां पर नगर परिषद के एमई अमन कुमार व अन्य अधिकारी भी साथ रहे। उधर, छह बजे ही पुलिस की टीमें भी बाजारों में निकली। शहर का किया दौरा, लोगों को जागरूकता भी किया :

एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने शनिवार को शहर के बाजारों का दौरा किया और दुकानदारों व नागरिकों को कोविड नियमावली की अनुपालना करने का आह्वान किया। कोरोना की दूसरी लहर में बहादुरगढ़ कोविड संक्रमण का हाट स्पाट बन गया था। लोगों को उस परेशानी का अभी तक अनुभव है। इसलिए कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए कोविड नियमों का पालन करें और स्वास्थ्य के सुरक्षा चक्र को मजबूत बनाएं रखें। एसडीएम ने रेलवे रोड, नाहरा-नाहरी रोड, झज्जर रोड, बादली रोड, रोहतक-दिल्ली रोड, मेन बाजार, नजफगढ़ रोड सहित अन्य स्थानों का जायजा लिया और कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन-प्रशासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमावली का पालन जन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाजार शाम छह बजे तक ही खुल सकते हैं। इसके बाद दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं है। शाम छह बजे के बाद केवल आवश्यक खाद्य सामग्री, दूध, दवाई आदि की दुकान खोलने की अनुमति है। उन्होंने कहा कि इन नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कानूनन कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। कोरोना मृतकों के परिजनों को सरकार देगी 50 हजार की अनुग्रह सहायता:

एसडीएम ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में कोविड-19 के कारण हुई मृत्यु के मामलों में मृतक के परिजन को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए आवेदक को अंत्योदय सरल पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा। एसडीएम ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस सेवा को परिवार पहचान पत्र से एकीकृत करके विकसित किया गया है। आवेदन के साथ मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र व कोविड-19 पाजिटिव रिपोर्ट की एक-एक प्रति लगानी होगी। आवेदन करने के 30 दिनों के अंदर आवेदन दावों का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सत्यापन के बाद ही अनुग्रह राशि आवेदक को जारी की जाएगी। इस विषय में शिकायतों के समाधान के लिए उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला स्तर पर दो शिकायत निवारण समितियों का गठन किया गया है। पीड़ि़त व्यक्ति अपनी शिकायत जिला उपायुक्त कार्यालय व अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय झज्जर में दे सकते हैं।

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