अंबाला: दिन सोमवार। समय 11 दस बजे का। अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और सिटी स्कैन करवाने के लिए लोगों की भीड़ नजर आ रहीहै। आलम यह है कि मरीजों के लिए रखी कुर्सियां कम पड़ गई जिस कारण मरीज जमीन पर लेट अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। एक महिला को चक्कर आया जो नीचे लेटने को मजबूर हो गई। यहां न ही व्हील चेयर दिखी और न ही स्ट्रेचर। यह नजारा अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल का देखने को मिला। दैनिक जागरण ने अव्यवस्था को कैमरे में कैद किया। संडे के बाद आज अस्पताल में पहले की तुलना अधिक भीड़ दिखी। ओपीडी की बात करें तो यह आंकड़ा 1983 तक पहुंच गया था। छावनी विधानसभा ही नहीं बल्कि दूरदराज के गांव से भी मरीज चेकअप के लिए आएं थे।

मुख्य गेट के बाहर आटो और रुक रही वाहन

नागरिक अस्पताल के बाहर मुख्य गेट के बाहर पुलिस ने वाहन खड़ा न करने का चेतावनी बोर्ड लगा रखा है इसके बावजूद आटो और अन्य वाहन गेट के बाहर खड़े हो जाते हैं। मरीजों व तीमारदारों को एंट्री करने में दिक्कत होती है। यदि, पुलिसकर्मी या फिर होमगार्ड की यहां तैनाती स्थाई हो जाए तो समस्या का समाधान हो जाएगा। ओपीडी में भी दिखी भीड़

ओपीडी में लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। इस बीच रजिस्ट्रेशन काउंटर व ओपीडी की पहली मंजिल में मरीजों को ब्लॉक के अंदर सभी कुर्सियों पूरी भरी होने के बाद जमीन पर बैठना पड़ रहा था। रामबाग रोड निवासी अमरीश का कहना था कि वह अल्ट्रासाउंड के लिए सुबह से चक्कर काट रहा। आखिर में उन्हें अल्ट्रासाउंड के कमरे के बाहर भेज दिया। यहां बैठने की व्यवस्था ही नहीं थी और पत्नी को चक्कर आ रहे थे। इसलिए वह फर्श पर ही लेट गई।

Posted By: Jagran