जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

अंबाला छावनी और शहर सीट पर जमानत बचाने के लिए बीस हजार से अधिक वोट चाहिए। हालांकि अंबाला छावनी और शहर में अन्य दो सीटों के मुकाबले मतदान प्रतिशत काफी कम रहा है। वोटों की संख्या के आधार पर शहर में 25 तो कैंट में 20 हजार वोट प्रत्याशी को चाहिएं, तभी उनकी जमानत बच सकेगी। अंबाला शहर विधानसभा सीट पर 60.50 प्रतिशत, अंबाला छावनी में 62 प्रतिशत, नारायणगढ में 74.70 प्रतिशत और मुलाना (आरक्षित) में 73.20 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला। नियम अनुसार कुल वैध वोटों के छठे भाग से अधिक अर्थात 16.66 प्रतिशत से ज्यादा वोट उम्मीदवारों द्वारा हासिल करना आवश्यक होता है। तभी उस चुनाव में वह अपनी जमा कराई गई जमानत राशि बचा सकते हैं। एडवोकेट हेमंत शर्मा ने बताया कि दिलचस्प है कि विधानसभा में जमानत राशि पहले मात्र 250 रुपये होती थी, जिसे अगस्त 1996 में बढाकर 5 हजार रुपये कर दिया गया। इसके बाद फरवरी 2010 वर्ष से इसे 10 हजार रुपये किया गया, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए किये उक्त निर्धारित राशि का केवल 50 प्रतिशत अर्थात 5000 रुपये ही जमानत राशि होती है।

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