जागरण संवाददाता अंबाला शहर: शहर के नागरिक अस्पताल में अस्थाई तौर पर नौकरी लगवाने के नाम पर रिश्वतखोरी की जाच में विजिलेंस अभी जुटे ही थे कि प्राइवेट कंपनी ने 37 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। इनको निकालने के पीछे कंपनी शिकायतें मिलनी की बात कह रही है। इनका व्यवहार और टाइम पर ड्यूटी पर नहीं आने का तर्क दिया गया है, जबकि मामला अंदरूनी कुछ और ही बताया जा रहा है। निकाले कर्मचारियों ने पीएमओ डा. पूनम जैन और सीएमओ डॉ. गोविंद गुप्ता से मिलकर अपना पक्ष रखा। हालाकि कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिला। ऐसे में अब वे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और शहर के विधायक असीम गोयल से मिल सकते हैं। उधर, विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अभी तक प्राइवेट कंपनी का ठेका रद नहीं किया गया है। इसके लिए आला अफसरों से पत्रचार किया गया है लेकिन कुछ फैसला नहीं हुआ।

ये कर्मी हुए बाहर

शहर के नागरिक अस्पताल में कार्य कर रहे कर्मचारियों में से पवित्र, राहुल, राजवीर, रवि, अर्चना, कुलदीप, बलदेव,मोहन, विक्त्रम, गुरमेल सिंह, बलदेव राज आदि को बाहर निकाल दिया गया है। इसमें 10 सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात थे जबकि 5 सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर कार्यरत थे। करीब 15 वार्ड सवर्ेंट के पद पर और अन्य पदों पर कार्यरत थे। 37 काट्रैक्ट कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता

सिटी सिविल अस्पताल में ओरियन स्टार कंपनी के पास कर्मचारी सप्लाई करने का ठेका है। इस कंपनी के तहत कार्यरत करीब 37 कर्मचारियों को कंपनी ने बाहर का रास्ता दिखा गया है।

Posted By: Jagran

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