जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : शहर के सेंट जोसेफ स्कूल की ओर से पांच विद्यार्थियों को (टीसी) ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए। जबकि अभिभावकों की ओर से स्कूल से टीसी की डिमांड ही नहीं की गई थी। इस मामले की गुहार लेकर अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे, जहां डीईओ की ओर से अभिभावकों को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

अभिभावकों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान स्कूल की ओर से फीस बढ़ाए जाने की डिमांड की गई थी। जबकि प्रदेश सरकार के आदेश थे कि सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जानी है। एक अभिभावक ने मामले में स्कूल की एप्लीकेशन लगा दी थी। जिस पर स्कूल की ओर से ऑनलाइन क्लास रोक दी गई थी। इसके बाद पीड़ित ने जिला शिक्षा अधिकारी, चाइल्ड वेलफेयर ऑफिस में शिकायत कर दी थी। मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी ने की थी। जिसमें जांच में मामला साफ हो गया था और मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया था। लेकिन स्कूल की ओर से परेशान किए जाने का सिलसिला जारी रहा। जबकि जांच में पाया गया था कि आरोप सही हैं। इसके बाद स्कूल की ओर से बंद की हुई ऑनलाइन कक्षा की भी फीस की डिमांड की गई, परंतु अभिभावक ने अपनी दस दिन की फीस काट कर बाकी जमा करवा दी थी। इसके बाद स्कूल की ओर से विद्यार्थियों को स्कूल से बाहर करने का नोटिस जारी कर दिया था। जिसके चलते हुए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया था। इसी के बाद स्कूल की ओर से पांच विद्यार्थियों को खुद ही टीसी जारी कर दी।

------ वर्जन

स्कूल की ओर से टीसी जारी करने के मामले में मामले की जांच बीईओ को सौंपी गई है। जो इसमें जांच करेंगे और इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। स्कूल को किसी भी तरह की मनमानी नहीं करने दी जाएगी।

सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।

-----

विद्यार्थियों को टीसी दिए जाने का मामला उसकी जानकारी में नहीं है। विद्यार्थियों को कोर्ट के आदेश के मुताबिक वार्षिक शुल्क के मैसेज भेजे गए हैं। इसमें जो पिछले साल का वार्षिक शुल्क था वह छह किस्तों में जमा करवाना है।

किरण बनर्जी, डायरेक्टर, सेंट जोसेफ स्कूल।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप