जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : पराली निस्तारण को लेकर डीसी विक्रम सिंह ने अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें ग्रामीण स्तरीय कमेटियों का गठन कर लिया गया। कमेटी में शामिल ग्राम सचिव, पटवारी व अन्य गांव का दौरा करना सुनिश्चित करें। जो किसानों को पराली न जलाने बारे जागरूक करेंगे। कृषि विभाग की ओर से कृषि यंत्र पराली निस्तारण के लिए उपलब्ध करवाए गये हैं उनका प्रयोग करें। पिछले वर्ष के मुकाबले पराली जलाने की घटनाओं में कमी आयी है। डीसी कैम्प कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

डीसी ने डीएसपी हेड क्वार्टर को निर्देश दिये कि पंजाब से धान जिला की मंडियों में न आए और न ही जिले से डीएपी खाद अन्य जिलों में जाए। पुलिस नाके लगाकर व्यवस्था की पूरी निगरानी रखे। इसमें कोई लापरवाही सहन नहीं की जायेगी। उन्होंने सहायक कृषि अभियंता को निर्देश दिये कि पराली निस्तारण से कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए हैं उसके भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट भी उन्हें उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने किसानों से आह्वान किया है कि वे पराली को न जलाएं बल्कि पराली निस्तारण के लिए जो कृषि यंत्र कस्टम हायरिग सेंटर में उपलब्ध हैं, उनका प्रयोग करें। इससे वायु प्रदूषण होता है वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी खत्म होती है।

किसान हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, जीरो ट्रिल, मल्चर, कटर का प्रयोग करें। फसल अवशेषों की गांठें बनवाएं और ऐसे किसानों को विभाग द्वारा अनुदान राशि के रूप में प्रति एकड़ एक हजार रुपये की राशि उपलब्ध करवाने का काम किया जा रहा है। इससे पहले चंडीगढ़ से आयोजित वीसी के माध्यम से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने डीसी व अधिकारियों से पराली निस्तारण के कार्यों की समीक्षा की। मौके पर उप निदेशक डा. गिरीश नागपाल, डीआरओ राजबीर धीमान, डीएसपी रामकुमार, बीडीपीओ डा. दलजीत सिंह, एसडीओ रोशन लाल आदि मौजूद रहे।

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