संवाद सहयोगी, बराड़ा (अंबाला)

नगर पालिका के पार्षद परमजीत ¨सह उर्फ ¨प्रस ने अपने साथियों के साथ मिलकर रविवार देर शाम जन्माष्टमी मेले में एक युवती से छेड़खानी करते हुए उसके भाई की मोटरसाइकिल को जानबूझकर टक्कर मारी। बीच बचाव करने आए पुलिस कर्मियों के साथ कार सवार लोगों ने हाथापाई की। पुलिस एमसी सहित उसके साथियों को हिरासत में लेकर बराड़ा थाने ले गई। लेकिन यहां हिरासत में इन लोगों ने थाने के अंदर ही पुलिस के दो कंप्यूटर तोड़ दिए और जवानों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। ऐसे में पुलिस ने भी इन सभी की तसल्ली बख्श खातिरदारी की और बाद में शिकायत के आधार पर एमसी व उसके साथियों पर हत्या के प्रयास, छेड़खानी, सरकारी संपति को नुकसान, मारपीट व सरकारी कर्मियों की ड्यूटी में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया। वहीं सूचना मिलते ही अन्य पार्षद व मीडियाकर्मी भी थाने में पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। मामला एसपी के संज्ञान में आया तो तुरंत बराड़ा थाना प्रभारी कर्ण ¨सह को सस्पेंड कर दिया गया। अब यहां इंस्पेक्टर रमेश कुमार को थाने का चार्ज सौंपा गया है।

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यह है पूरा मामला

हुआ यूं कि थंबड़ निवासी शराब ठेकेदार रोहतास का लड़का व लड़की मोटरसाइकिल पर बराड़ा स्थित शिव मंदिर में जन्माष्टमी कार्यक्रम में आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एमसी परमजीत अपने अन्य साथियों के साथ गाड़ी में जा रहा था और कार सवार एक युवक ने युवती को कमेंट किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई और कुछ देर बाद ही कार सवार लोगों ने जानबूझकर भाई-बहन की मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर उन्हें मारने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस जवान वहां पहुंचे तो उन्होंने कार सवारों को पकड़ लिया लेकिन उन्होंने जवानों से मारपीट शुरू कर दी।

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थाने में पुलिस के दो कंप्यूटर तोड़ दिए

पुलिस पार्षद परमजीत उर्फ ¨प्रस, साबी, अमरजीत, गुरमीत, ¨रकू को हिरासत में लेकर बराड़ा थाने में पहुंच गई। यहां इन सभी को अलग-अलग कमरे में बैठाया तो इन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी दौरान एफआइआर दर्ज किए जाने वाले कमरे में टेबल पर दो कंप्यूटर रखे थे जो कि एक युवक ने नीचे गिराकर तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने इन सभी लोगों की अच्छे से खातिरदारी की।

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थाने से पब्लिक को बाहर कर गेट बंद किया

सूचना मिलते ही इन सभी लोगों के परिजन ही नहीं अन्य पार्षद भी थाने में पहुंच गए। लेकिन पुलिस ने भीड़ देख इन सभी लोगों को थाने परिसर से ही बाहर कर दिया और मुख्य गेट अंदर से बंद कर दिया। जब कुछ मीडिया कर्मियों और नगरपालिका चेयरपर्सन पति अनमोल खेत्रपाल ने थाना प्रभारी कर्ण ¨सह से बातचीत करने का प्रयास किया तो उसने सभी के साथ अभद्र व्यवहार किया। यहां तक कि खुद के डीएसपी के बारे में भी गलत शब्दों का प्रयोग किया। ऐसे में सोमवार सुबह एसपी अशोक कुमार के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने एसएचओ सब इंस्पेक्टर कर्ण ¨सह को सस्पेंड कर दिया। साथ ही इंस्पेक्टर रमेश कुमार को थाने का चार्ज सौंपा। वहीं इससे पहले भी मुलाना में थाना प्रभारी के पद पर रहते हुए कर्ण राणा ने मुलाना के एक मीडियाकर्मी से दु‌र्व्यवहार किया था। उस वक्त भी विभाग ने उनका तबादला मेवात में कर दिया था।

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आरोपितों को जेल में भेजा गया

देर शाम दो पक्षों में युवती के साथ छेड़खानी को लेकर झगड़ा हो गया था। इसी दौरान बीच-बचाव करने आई पुलिस के साथ पार्षद ने अपने साथियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की थी। इन लोगों ने थाने में भी दो कंप्यूटर तोड़ दिए थे। इसलिए शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

सुधीर तनेजा, डीएसपी बराड़ा।

Posted By: Jagran