अंबाला, [दीपक बहल]। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल और अंबाला डीसी डा. प्रियंका सोनी की गाड़ी पर भी बहुरंगी बत्ती नहीं थी। जबकि एडीसी, एसडीएम सहित तमाम अधिकारी बहुरंगी बत्तियां सजाकर पहुंचे। मंत्री दैनिक जागरण के पूछने पर डीसी से कहा नियम मुताबिक कार्रवाई करें। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल बुधवार को पंचायत भवन शहर के सभागार में जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में आये थे।

14 में से 11 शिकायतों का समाधान

बैठक में 14 शिकायतें रखी गई जिनमें से 11 शिकायतों का समाधान करते हुए उन्हें डिस्पोज किया गया व 3 शिकायतों को आगामी बैठक के लिए पैंडिग रखा गया। इन शिकायतो के निवारण के लिए भी अधिकारियो की टीम गठित की गई है।

सहकारिता मंत्री ने दिए निर्देश

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने बताया अधिकारियों को निर्देश दिए गये हैं कि जो भी छोटी-मोटी शिकायतें होती हैं और उनका समाधान हो सकता है, ऐसी सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। यह सुनिश्चित करेंं कि ऐसी शिकायतें कष्ट निवारण समिति की बैठक में न आएं।

जनप्रतिनिधि की शिकायत पर हो तत्‍काल कार्रवाई

उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि यदि उनके कार्यालय में लोगों की कोई समस्या लेकर आता है तो उस शिकायत का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं से उन्हें यह शिकायत मिली कि जनप्रतिनिधि की शिकायत पर आपने कार्यवाही नहीं की है तो सम्बन्धित के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। सम्बन्धित जो भी शिकायत होती है नियमानुसार उस पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। लोगों की समस्याओं का समाधान करना हमारा दायित्व है। जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति बैठक के एंजेडे में रखी शिकायत में गांव जफरपुर निवासी हरपाल सिंह ने बताया कि गांव में श्‍मशान घाट के रास्ते व गंदे नाले के पानी से संबंधित समस्या उन्होंने रखी थी।

जिला खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी दिनेश कुमार ने सहकारिता मंत्री को अवगत करवाते हुए बताया कि शिकायतकर्ता से संबंधित श्‍मशान घाट से संबंधित समस्या का समाधान कर दिया गया है, 1400 फुट रास्ते को भी पक्का कर दिया गया है। बाकी बचे हिस्से को पक्का करने के लिए ग्रांट बारे पत्राचार किया गया है। उन्होने यह भी बताया कि गांव में संबंधित जगह पर कुछ अवैध कब्जे भी हैं। सहकारिता मंत्री ने बीडीपीओ को निर्देश दिए कि जो भी अवैध कब्जे हैं उन्हें भी वहां से हटवाया जाए।

इसी प्रकार अंबाला शहर सेक्टर-1 निवासी नीरज शर्मा ने जमीन संबंधी एक मामले में मंजूरशुदा इंतकाल होने के बावजूद जमाबन्दी में उसका नाम अंकित न होने की शिकायत रखी। जिला राजस्व अधिकारी कैप्टन विनोद शर्मा ने इस मामले में रिपोर्ट देते हुए बताया कि इस मामले में पटवारी की लापरवाही सामने आई थी जिसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बकायदा पटवारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए नियमानुसार उसे चार्जशीट करने के लिए लिखा गया है। इस मामले में सहकारिता मंत्री ने शिकायतकर्ता की संतुष्टि न होने पर शिकायत को पैंडिग रखते हुए उपायुक्त को मामले की जांच करवाने तथा पुलिस अधीक्षक को कहा कि यदि इस मामले में सम्बन्धित पटवारी गिरफ्तार नहीं हुआ तो उसकी जांच करें और आगामी कार्रवाई करें।

इसी प्रकार गांव माजरा शहजादपुर निवासी रणजीत सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने गांव के एक्स सरपंच सतीश कुमार के खिलाफ पंचायत संबधी राशि का गबन करने की शिकायत कर रखी है। इस मामले में बीडीपीओ शहजादपुर किन्नी गुप्ता ने सहकारिता मंत्री को बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा दी गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सम्बन्धित के खिलाफ वर्ष 2016 में एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। रिकवरी के लिए भी विभाग द्वारा लिखा गया है। कोर्ट में रिकवरी से सम्बन्धित स्टे लगा हुआ है।

गांव खुड्डा कलां निवासी सुभाष चंद व अन्य ने गांव खुड्डा कलां के नजदीक हरिजन वाल्मीकि बस्ती के पानी की निकासी राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है तथा कुछ मकान भी क्षतिग्रस्त हुए है, इसकी शिकायत रखी है। इस मामले में एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान जो अवैध जगह जैसे थड़े या अन्य थे उन्हें तोडऩे का काम किया गया था। किसी भी तरह का घर नहीं तोडा गया था। इसी मामले में बीडीपीओ ने बताया कि इस मामले से सम्बन्धित कुछ लोगों को नियमानुसार जगह भी उपलब्ध करवाई गई है। शिकायतकर्ता व अन्य लोगों ने इस मामले में संतुष्टि जाहिर नहीं करने पर सहकारिता मंत्री ने उपायुक्त को एसडीएम अम्बाला की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करते हुए जिसमें एक अन्य अधिकारी, एनएचएआई के अधिकारी व निगरानी समिति के एक मैम्बर को शामिल करते हुए मामले से सम्बन्धित उचित कार्रवाई के लिए कहा।

इसी प्रकार गांव सैनीमाजरा निवासी जोगिन्द्र सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि सैनीमाजरा के पास जो टोल लगाया गया है उसमें उसकी काफी जमीन आई है। जमीन देने के बावजूद उसे उचित मुआवजा अभी तक नहीं मिल सका है। इस मामले में एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता की जमीन टोल के लिए अधिकृत की गई थी। सम्बन्धित को 25 लाख रुपये की राशि आबंटित करते हुए डीआरओ के पास भेज दी गई है। एक सप्ताह के अंदर प्रार्थी को यह राशि उपलब्ध करवा दी जायेगी।

इसी प्रकार सैनीमाजरा निवासी जोगिन्द्र सिंह ने एंजेडे में एक अन्य जमीन संबधी शिकायत रखी। जिसमें उसने कहा है कि वर्ष 1983 में उसने 8 कनाल रकबा जमीन ली थी और आज तक वह उसके कब्जे में है, लेकिन उसके पोते ने उपरोक्त भूमि को ब्लड रिलेशन दिखाते हुए रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली है। इस मामले में तहसीलदार मनीष कुमार ने सहकारिता मंत्री को बताया कि नियमानुसार शिकायतकर्ता इस मामले में कोर्ट में अपील की सकता है।

सहकारिता मंत्री ने बैठक के दौरान जहां एंजेडे में रखी शिकायतों को सुना वहीं जिन शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं ने अपनी समस्याओं का समाधान होने बारे सहमति दी है उसमें अधिकारियों को कहा कि वे लिखित में इस कार्य को करें। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी अपनी शिकायतें सहकारिता मंत्री को सौंपी।

Edited By: Anurag Shukla

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