जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर जिलेभर के कर्मचारियों ने सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पहले दिन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी जाने वाली डोर टू डोर सेवाएं बंद हो गई। साथ ही साथ जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन भी पूरी तरह से प्रभावित रहा। इसके अलावा महिलाओं व बच्चों को लगाए जाने वाले टीके भी कई जगहों पर नहीं लग पाए। हालांकि पहले दिन कुछ कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं जारी रखी। इसी कारण सेवाएं पूरी तरह से ठप नहीं हुई। राज्य प्रधान प्रमोद बाला ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ लगातार वादा खिलाफी कर रही है।

इन मांगों को लेकर शुरू की गई है हड़ताल

स्वास्थ्य कर्मचारियों को तकनीकी घोषित करना, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की टेबल छठे नंबर पर शामिल करना, एनएचएम परियोजना के अंतर्गत कार्यरत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी महिला को रेगुलेशन एक्ट के तहत दो वर्ष की सेवाकाल के बाद पक्का करना, एनएचएम परियोजना के अंतर्गत कार्यरत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी महिलाओं को एफटीए व वर्दी भत्ता दिया जाए।

जल्द नहीं हुआ समाधान तो यह सेवाएं भी होंगी प्रभावित

हड़ताल के चलते बच्चों के टीकाकरण का कार्यक्रम प्रभावित होंगे, टीबी मरीज दवाई से वंचित रहेंगे, मलेरिया के टेस्ट व दवाई से मरीज वंचित होगें, एनसी व पीएनसी कार्य बदं हो गए जाएंगे। गर्भवती महिलाएं दवाई व टीकाकरण से वंचित रहेंगी, डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया का जागरूकता अभियान पर असर पड़ेगा।

Posted By: Jagran