जागरण संवाददाता, अंबाला

छावनी के नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में फॉल सी¨लग गिरने के मामले में आखिरकार अब पीडब्ल्यूडी विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सख्त हो गए हैं। इसी कारण रविवार को छुट्टी के दिन अधिकारियों ने फॉल सी¨लग गिरने की जांच के लिए अंबाला शहर से एसी एक्सपर्ट पीके अग्रवाल को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने एक्सपर्ट को पूरे अस्पताल का भ्रमण करवाया और उसके बाद काफी देर तक उनसे बातचीत की। इस दौरान फॉल सी¨लग गिरने का मुख्य कारण केवल एसी के कारण नमी बताई गई है। क्योंकि अधिकतर समय दरवाजे खुले रहते हैं और अंदर एसी चलने के कारण नमी में फॉल सी¨लग की शीट भारी होकर ढांचे सहित नीचे आ गिरती हैं। हालांकि अब फॉल सी¨लग गिरने वाली जगह इस बार गत्ते की बजाए मैटल वाली शीट लगाई गई है।

गौरतलब है कि बुधवार की रात करीब दो बजे इमरजेंसी की लॉबी में फॉल सी¨लग गिर गई थी। इस तरह का हादसा अस्पताल में एक साल में दूसरी बार हुआ है। इसी कारण रविवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल में फॉल सी¨लग के एक्सपर्ट पीके अग्रवाल को बुलाया गया। इस दौरान सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर सतीश भी मौजूद रहे। एक्सपर्ट ने जायजा लेने के बाद बताया कि किस तरह से अस्पताल में लगाई गई सी¨लग को बाहर के नमी वाले वातावरण से नुकसान पहुंच रहा है। बाहर और अंदर एसी के वातावरण में तापमान का काफी अंतर होता है। दरवाजे खुले रहने पर बाहर का तापतान अंदर एसी वाली जगह नमी पैदा करता है। इसी कारण यहां फॉल सी¨लग गिरती है।

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सफाई कर्मचारी रहेंगे दरवाजों पर तैनात

अस्पताल में एसएमओ डॉ. सतीश ने मी¨टग के बाद हिदायतें जारी की है कि अब प्रत्येक वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारी अपना कार्य करने के बाद अस्पताल के दरवाजे पर ड्यूटी देंगे। इस ड्यूटी के दौरान वह दरवाजे को बंद रखने का भी कार्य करेंगे। इसी के साथ मरीज से मिलने के लिए आने वाली पीढ़ी को भी कंट्रोल करेंगे।

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मरीजों को मिलने के लिए आने वालों को जारी होंगे पास

अस्पताल में एक मरीज से मिलने के लिए आने वाले लोगों की भीड़ के कारण व्यवस्था में परेशानी का सामना करना पड़ता है और वार्ड में लोगों की भीड़ लग जाती है। इस भीड़ को भी कंट्रोल करने के लिए अब पीजीआइ जैसे बड़े अस्पतालों की तरह ही नागरिक अस्पताल में भी मरीजों के लिए पास जारी किए जाएंगे और मरीजों से मिलने के लिए आने वाले लोगों के पास अगर पास होगा तो ही उन्हें वार्ड में जाने की अनुमति होगी। लेकिन अस्पताल की व्यवस्था में किए गए बदलाव तभी कारगर साबित होंगे जब इन आदेशों पर पूरी सख्ताई से से अमली जामा पहनाया जाएगा।

Posted By: Jagran