जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों पर दर्ज मामले का असर अब उनके नियमित धरने पर भी दिखने लगा है। धरने में शामिल कर्मचारियों की संख्या सीमित नजर आ रही है और कुल सात में जिन दो पुरुष कर्मचारियों पर मामला दर्ज हुआ है वह अब भूमिगत हैं। हालांकि, महिला बहु-उद्देशीय कर्मियों ने मोर्चा संभाला हुआ है। रविवार को धरने के 14वें दिन जिला प्रधान कांता रानी व राज्य उप प्रधान प्रमोद बाला के नेतृत्व में कर्मचारी धरने पर डटी रही। प्रमोद बाला ने कर्मियों को 10 सितंबर के विधानसभा कूच के लिए कर्मियों से आह्वान किया। कांता रानी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को एस्मा का भय दिखाकर डरा रही है जबकि कर्मचारी अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रमोद बाला ने कहा कि सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखते हुए विधानसभा की ओर कूच करेंगे। राज्य उप प्रधान पाल कौर ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की आवाज दबा नहीं सकती। इस अवसर पर रोडवेज कर्मचारी संघ के सचिव महावीर पाई, पर¨वद्र ¨सह, सुमन, सुरेंद्र, निर्मल, रीटा, गुरमेल, उमा, राजबाला, रेनू, राजिन्द्र, बलबीर, मीना, रेखा भी मौजूद रही।

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