संवाद सहयोगी, शहजादपुर : गांव बापौली निवासी जसवंत सिंह की हत्या दो जगह पर चाकू लगने से हुई थी। एक सीधा छाती में और दूसरा साइड से निकल गया था। छाती वाला घाव अधिक गहरा होने के चलते खून का काफी बह गया था, जिससे जसवंत की मौत हुई। यह बात रविवार को दो डाक्टरों के बोर्ड द्वारा मृतक के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद पता चली। उधर, शहजादपुर पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव स्वजनों को सौंप दिया। हत्यारोपित पिता और दोनों पुत्र फरार हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने टीम बनाई है।

मृतक जसवंत सिंह के भतीजे जगतार सिंह के मुताबिक करीब दो माह पूर्व गांव में सरकार के आदेशानुसार कंप्यूटराइज्ड जमीन की निशानदेही हुई थी। उस समय खेतों में गेहूं की फसल थी। ऐसे में उस समय जो निशानदेही की गई थी वह फसल खड़ी होने के चलते पक्की नहीं लगी थी। ऐसे में यह कच्ची निशानियां मिट गई थी। अब 12 जून को दोबारा से जमीन की निशानदेही हुई थी। चाचा जसवंत सिंह के नंबर की जमीन गांव के कर्म सिंह आबादी की जमीन के साथ लगती है जो निशानदेही में कर्म सिंह की आबादी की कुछ जमीन जसवंत सिंह के नंबर की जमीन में आ गई थी। जिस पर कर्म सिंह अपना कब्जा कर रहा था। निशानदेही के बाद तकरीबन सभी लोग घर चले गए थे। खुद व भाई मुख्तयार सिंह एवं चाचा जसवंत सिंह अपने खेते के पास बापौली चताण मोड पर खड़े बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान कर्म सिंह निशानदेही को लेकर झगड़ा करने लगा। इसके बाद कर्म सिंह ने फोन कर अपने बेटे सोहन उर्फ सोनू व साहिल को वहां बुला लिया। जो कुछ देर बाद दोनों चाकू लेकर वहां गए। इसके बाद कर्म सिंह ने चाचा जसवंत सिंह को पीछे से पकड़ लिया और सोनू उर्फ सोहन ने चाकू निकाल चाचा की छाती में दो बार वार कर लहूलुहान कर दिया। जसवंत को अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी मौत हो गई।

Edited By: Jagran