संवाद सहयोगी, नारायणगढ़ : राज्यमंत्री नायब ¨सह सैनी के गृहक्षेत्र में बृहस्पतिवार को नौ घंटे चली कार्रवाई के बाद बेशक 13 स्क्री¨नग प्लांटों को दोबारा से सील कर दिया है, लेकिन अभी भी क्षेत्र में 27 ऐसे प्लांट हैं जो बिना किसी अनुमति के चल रहे हैं। वीरवार को हुई कार्रवाई में नारायणगढ़ में कुल 62 स्क्री¨नग प्लांट पाए हैं, लेकिन इनमें से महज 19 को ही चलने की अनुमति विभाग ने दी है। शेष सभी प्लांट अवैध रूप से चल रहे हैं। 13 को री-सील करने के बाद 27 अन्य प्लांटों पर कार्रवाई होनी शेष हैं, जबकि 3 प्लांट संचालक अपने प्लांटों को हमेशा के लिए बंद कर भाग गए हैं। रिपोर्ट तैयार, अब देंगे नोटिस

विभाग ने सभी स्क्री¨नग प्लांटों के लिए अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब शेष 27 प्लांटों पर कार्रवाई के लिए विभाग पुराने ढर्रे पर काम करते हुए इन्हें नोटिस देने का काम करेगा। इसके बाद भी यदि यह प्लांट बंद नहीं हुए तो प्रदूषण विभाग इन्हें सील करने की कार्रवाई करेगा। बता दें कि इनमें से कुछ प्लांटों को तो पहले भी विभाग नोटिस दे चुका है, लेकिन इसके बाद भी प्लांट संचालकों पर कोई असर नहीं पड़ता। विभाग भी नोटिस देकर एक-एक साल तक कोई कार्रवाई नहीं करता।

पर्यावरण के साथ आर्थिक नुकसान भी

अवैध खनन के चलते यहां पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है वहीं सरकार को आर्थिक रूप से चपत भी लग रही है। क्योंकि खनन पर अभी पूर्ण रूप से पाबंदी लगी हुई है। ऐसे में बिना सरकारी फीस दिए ही अवैध खनन का धंधा चल रहा है। वाहन ओवरलो¨डग होकर चलते हैं इससे सड़कें भी टूट चुकी हैं साथ ही साथ लोगों की जान भी इन्हीं ओवरलो¨डग वाहनों के चलते जा रही हैं।

Posted By: Jagran