जागरण संवाददाता, अंबाला : स्वचालित दोपहिया वाहन एजेंसी की ओर से लोगों को हेलमेट नहीं दिए जाने का मामला दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया तो इसका असर जिले में वीरवार से दिखने लगा। वीरवार को नया दोपहिया वाहन खरीदने वालों को एजेंसी की ओर से निशुल्क हेलमेट दिया गया।

अंबाला छावनी के इंदिरा चौक स्थित एक्टिवा होंडा शोरूम पर कंपनी से हेलमेट का अलाट भी आ गया, जिसके चलते अब एक्टिवा खरीदने आ रहे लोगों को निशुल्क हेलमेट दिया गया। शोरूम पर वाहन खरीदने आए मनीष ने दैनिक जागरण का भी आभार जताया। हेलमेट निशुल्क देने का नियम नया नहीं बल्कि पुराना है लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा था। यह हेलमेट ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआइएस) के मानकों के अनुसार मिलेगा। बाइक की कीमत में हेलमेट की राशि जोड़ी हुई है, लेकिन यह आदेशों कागजों में ही दबे हुए थे।

दैनिक जागरण ने हेलमेट घोटाले का पर्दाफाश किया था, जिसके बाद आइएएस अधिकारी एवं एसडीएम हितेष मीणा ने बुधवार को डीलरों की बैठक कर एक्ट का पाठ पढ़ाया। आइएएस अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि नए वाहनों के साथ निशुल्क हेलमेट अनिवार्य देना है और लोगों को जागरूक करने के लिए एजेंसी में आठ गुणा आठ फीट साइज का बैनर भी लगाना है। एसडीएम के आदेशों के बाद हेलमेट निशुल्क देना का बैनर भी एजेंसियों में लगने लगा है। इस मामले में खुद एसडीएम मानीटरिग कर रहे हैं जिसकी रिपोर्ट उनको राज्य सरकार को भेजनी है। यदि कोई इन आदेशों की उल्लंघना करता मिला तो डीलरशिप का लाइसेंस रद कर दिया जाएगा।

---------------- इस तरह से दैनिक जागरण ने किया पर्दाफाश

दैनिक जागरण ने 22 नवंबर के अंक में निशुल्क दिए जाने वाला हेलमेट ही डकार गए एजेंसी संचालक, रद होगा लाइसेंस शीर्षक से इस खेल का पर्दाफाश किया था। हालांकि यह नियम तो कई साल पहले बन चुका है, लेकिन आज तक कई एजेंसी संचालक इसे लागू करने से बच रहे थे। इसको लेकर 9 नवंबर को परिवहन विभाग की ओर से दिशा निर्देश भी जारी किए गए। इसके बावजूद कई अधिकारी ही इस नियम से बेखबर रहे। नियमों की बात करे इस नियम के अनुसार 138 (4) (एफ) में दोपहिया वाहन चालक को निशुल्क हेलमेट दिया जाना है। नियमों के मुताबिक मोटरसाइकिल, एक्टिवा सहित अन्य दोपहिया वाहनों की बिक्री के समय ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड एक्ट 1986 (63) के तहत दिए गए मानकों पर हेलमेट दिया जाए।

Edited By: Jagran