जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

सरकार से हुए समझौते की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर हड़ताल पर चल रहे बहु-उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों को सरकार ने एस्मा लागू करने बारे नोटिस दिया है। जिससे कि पिछले चार दिनों से हड़ताल पर चल रही कर्मचारी वापस काम पर लौट आएं। हालांकि, बुधवार शाम को जारी हुए इन आदेशों का कर्मचारियों पर कोई असर देखने को नहीं मिला। कर्मचारियों ने रोजाना की तरह सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना दिया व अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बहु-उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी एसोसिएशन की राज्य प्रधान प्रमोद बाला ने बताया कि सरकार के साथ कर्मचारियों की जिन मांगों पर पिछली बैठकों में समझौता हुआ था। जिसके चलते ही काम छोड़ो आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, कर्मचारियों की यह हड़ताल लंबी खींची तो इसका असर विशेषकर टीकाकरण जैसी स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिल सकता है।

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इन सेवाओं में कार्यरत हैं कर्मचारी

बहु-उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी बच्चों के टीकाकरण, टीबी मरीजों को दवाई वितरण, मलेरिया के टेस्ट व मरीजों में दवाई वितरण, गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण जन्म-मृत्यु पंजीकरण, बच्चों में पेट के कीड़ों की दवाई के वितरण आदि कार्य देखती हैं। इन कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिला नागरिक अस्पताल की टीकाकरण शाखा में बकायदा हड़ताल का नोटिस चस्पा किया हुआ है।

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इन मांगों को लेकर गतिरोध

- प्रमोद बाला के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मियों को तकनीकी स्टाफ का दर्जा देने, एनएचएम के तहत कार्यरत स्टाफ को दो वर्ष के अनुभव पर पक्का करने, कर्मियों को सातवें वेतन आयोग की टेबल छह में रखने व भत्ते आदि को लेकर गतिरोध है। जिन पर सरकार से समय समय पर बात होती रही है लेकिन जब तक अधिसूचना जारी नहीं होगी व पीछे नहीं हटेंगी। एसोसिएशन एस्मा के नोटिस से डरने वाली नहीं हैं।

Posted By: Jagran