यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरियाणा ने नूंह में RAF बटालियन के लिए दी जमीन की CLU, केंद्रीय गृह मंत्रालय 50 एकड़ में स्थापित करेगा कैंप
नूंह के इंद्री गांव में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की बटालियन का हेड क्वार्टर बनाने का रास्ता साफ हो गया ...और पढ़ें

चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो : नूंह के इंद्री गांव में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की बटालियन का हेड क्वार्टर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने नियमों में ढील देते हुए आरएएफ बटालियन के आवेदन को मंजूर करते हुए जमीन की सीएलयू दे दी है। स्क्रूटनी फीस के रूप में 20 लाख 21 हजार 730 तथा कन्वर्जन (परिवर्तन) फीस के रूप में भी इतना ही पैसा गृह विभाग ने जमा कराया है।
विदित हो कि राज्य सरकार गांव की करीब 50 एकड़ जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को आरएएफ का कैंप स्थापित करने के लिए दे चुकी है। जमीन की सीएलयू (चेंज आफ लेंड यूज) का मुद्दा फंसा हुआ था। दैनिक जागरण ने इस मुद्दे को गुरुवार के अंक में प्रमुखता से उठाया था। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने इस मुद्दे को उठाया था।
हरियाणा की सुरक्षा के लिए स्थापित हो रहा कैंप
उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी बात की थी और सीएलयू में आ रही बाधाओं को दूर कराने का आग्रह किया था। पहले हरियाणा सरकार कह रही थी कि सीएलयू के लिए निर्धारित फीस केंद्र जमा कराए, जबकि केंद्र का कहना था कि कैंप हरियाणा की सुरक्षा के लिए स्थापित हो रहा है, ऐसे में सीएलयू की जरूरत नहीं है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश की ओर से जमीन की सीएलयू के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
एक्सप्रेस-वे तक सीधी कनेक्टिविटी की डिमांड
अब तीन और मामले हैं, जिनका निपटारा हरियाणा सरकार के स्तर पर होना है। कैंप तक केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे तक सीधी कनेक्टिविटी की डिमांड की गई है। इसी तरह से कैंप तक बिजली की सीधी लाइन और पानी लाइन की डिमांड भी आरएएफ मुख्यालय की ओर से की गई है।
