-मृत गीदड़ का शव नहीं मिलने से दिनभर रहा अफवाहों का बाजार गर्म, दंपती को लगे 12 हजार रुपये के इंजेक्शन

-हादसे के बाद भी जिला वन्य जीव इंस्पेक्टर ने मौके पर झांकना तक नहीं समझा लाजमी, खौफ में ग्रामीण जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

खेतों में काम कर रहे दंपती पर बृहस्पतिवार को गीदड़ ने अचानक हमला कर दिया। बचाव में घायल प्रभु राम ने उस पर दरांती से वार कर दिया। दरांती उसकी गर्दन पर लगी और गीदड़ की मौत हो गई। इसके बाद जैसे-तैसे पति-पत्नी छावनी अस्पताल पहुंचे जहां से उन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया। उधर खेतों में मारे गए इस गीदड़ का शव ही गायब हो गया। शव को कौन ले गया किसी को पता नहीं चला। इसीलिए इस गीदड़ की मौत के बाद भी गांव में गीदड़ का खौफ बरकरार रहा। हैरत की बात तो यह है कि गीदड़ द्वारा दो व्यक्तियों को अपना शिकार बनाने के बावजूद जिला वन्य जीव इंस्पेक्टर ने मौके पर झांकना तक जरूरी नहीं समझा। केवल फोरेस्ट गार्ड की ड्यूटी लगाकर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।

जानकारी के अनुसार साहा गांव में साहा से शहजादपुर रोड पर प्रभु राम अपनी पत्नी परिवारी देवी के साथ घास लेने गए थे। सुबह करीब सात बजे अचानक परिवारी देवी पर गीदड़ ने हमला करते हुए उन्हें अपने नीचे दबा दिया। परिवारी ने मदद के लिए शोर मचा दिया। शोर सुनकर प्रभु राम मौके पर पहुंचे। गीदड़ ने परिवारी देवी को छोड़कर प्रभु राम पर हमला बोल दिया। प्रभु राम ने हिम्मत दिखाते हुए अपने हाथ में मौजूद दरांती से गीदड़ की गर्दन पर वार कर दिया। दरांती लगने से गीदड़ की मौत हो गई।

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12 हजार रुपये के लगे इंजेक्शन, खर्च उठाएगा वन्य विभाग

दंपती को जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। गीदड़ के काटने पर दोनों को करीब 12 हजार रुपये के इंजेक्शन लगे। क्योंकि जिला नागरिक अस्पताल में यह टीके उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों ने यह टीके बाहर से लाकर दिए। टीके लगने के बाद उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया। हालांकि मौके पर पहुंचे वाइल्ड लाइफ गार्ड राकेश ने उन्हें बताया कि उपचार पर जो भी खर्च आएगा उसे विभाग वहन करेगा।

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कुत्तों जैसे दिखते हैं, आमतौर पर डरपोक होते हैं गीदड़

सामान्य तौर पर गीदड़ कुत्तों जैसे दिखाई देते हैं और डरपोक होते हैं। गीदड़ सुनसान जंगल के अलावा भीड़-भाड़ वाले एरिया में भी पाए जाते हैं। साधारणतय: गीदड़ इंसान पर हमला नहीं करते लेकिन घायल गीदड़ ऐसा कर सकते हैं।

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गीदड़ को मार दिया गया है ऐसा ग्रामीणों ने बताया है। हालांकि उसका शव नहीं मिला। बताया जा रहा है कि मरे हुए पशुओं को उठाने वाले व्यक्ति उसके शव को उठाकर ले गए हैं। दंपती के इलाज का खर्च दिया जाएगा।

राकेश कुमार, जिला वन्य जीव गार्ड।

Posted By: Jagran