अंबाला शहर [राजीव ऋषि]। पैरोल से भागे जींद के गांव मालसरी खेड़ा निवासी दुष्कर्म के दोषी कृष्ण कुमार ने 19 साल तक लुधियाना रेलवे स्टेशन के अंदर-बाहर चाय के बर्तन धोकर गुजर-बसर की। उसने सपने में गिरफ्तारी की बात नहीं सोची थी। लगभग दो दशक बाद जैसे ही वह परिवार से मिलने जींद आया, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार कृष्ण कुमार एक युवती के साथ लिव इन में रहता था। कुछ समय साथ रहने के बाद दोनों में मनमुटाव हो गया। उस युवती ने कृष्ण पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। पानीपत में दर्ज दुष्कर्म के इस केस में कृष्ण कुमार को कोर्ट ने 1995 में सात साल की सजा सुनाई थी। कृष्ण ने अंबाला की सेंट्रल जेल में तीन साल काटे और उसके बाद 16 नवंबर 1999 में पैरोल पर घर आया, लेकिन वापस नहीं गया। इस पर सीजेएम कोर्ट के आदेश पर उसे 29 दिसंबर 1999 को पीओ घोषित कर दिया।

19 साल लुधियाना में रहने के बाद लौटा था जींद

जांच अधिकारी हेडकांस्टेबल गुरदेव सिंह के मुताबिक पैरोल से फरार कृष्ण ने 19 साल का अधिकांश समय लुधियाना में स्टेशन पर चाय की दुकानों में बर्तन साफ कर गुजारा किया। बलदेवनगर पुलिस व पीओ स्टाफ उससे ढूंढ रहे थे। जैसे ही पता चला कि वह जींद में है। उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया।

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Posted By: Kamlesh Bhatt