जागरण संवाददाता, अंबाला

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की पांच घंटे की हड़ताल ने मरीजों को इंतजार करने पर मजबूर कर दिया। हालांकि कई मरीज वापस लौट गए, जबकि कइयों ने इंतजार करना बेहतर समझा। आइएमए से जुड़े जिला में करीब ढाई सौ अस्पताल व क्लीनिक हैं, जिनमें पांच सौ डाक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जनरल ओपीडी में रोजाना करीब साढ़े छह हजार मरीज इन निजी अस्पतालों में आते हैं, जो हड़ताल के कारण परेशान रहे। कई मरीज हड़ताल देखकर वापस लौट गए, जिन्होंने अब शनिवार को आने की बात कही है। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं, लेकिन जनरल ओपीडी को सस्पेंड ही रखा गया। कई मरीज सुबह के समय इन अस्पतालों में तो आए, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण वापस लौट गए। उल्लेखनीय है कि सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक ओपीडी सस्पेंड रही, जबकि इसके बाद जनरल ओपीडी में भी मरीजों को चैक किया गया।

यह है आइएमए की मांग

आइएमए का कहना है कि डाक्टरों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे डाक्टरों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। कोरोना महामारी में भी डाक्टरों पर हमले हुए हैं। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी को लेकर कानून में थोड़ा बदलाव किया, जो इस महामारी के दौरान ही लागू रहेगा।डाक्टरों को सुरक्षा दी जाए व ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाई जाए।

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प्रोटेस्ट के दौरान जनरल ओपीडी को बंद ही रखा गया, जबकि उनको दो बजे के बाद या फिर अगले दिन आने को कहा गया। कुछ इमरजेंसी केस आए, जिनको अटेंड किया गया। कुछ आपरेशन किए गए, जबकि डिलीवरी केस व दुर्घटना के मामले भी देखे गए हैं। इमरजेंसी को छोड़ अन्य सेवाएं सस्पेंड रहीं।

- डा. प्रभाकर शर्मा, पूर्व राज्य प्रधान आइएमए

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हाई बीपी और हार्ट की समस्या है। परेशानी हो रही थी, तो अस्पताल पहुंचा। यहां पर हड़ताल का पता चला। इंतजार करने के बाद डाक्टर ने चैकअप तो कर दिया।

- भूपिदर सिंह, बराड़ा

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मैं अपनी मां को इलाज के लिए बवेजा अस्पताल में लेकर पहुंचा था। यहां पर हड़ताल होने से अस्पताल में ओपीडी बंद मिली है। इस वजह से बगैर इलाज के लौटना पड़ा।

अरुण, अंबाला शहर

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मैं निजी अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने के लिए पहुंची थी। यहां पर मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा था। इस पर हड़ताल होने से ओपीडी बंद है। इस दौरान कुछ देर इंतजार किया, लेकिन डाक्टर के नहीं आने पर लौट गए।

गुरुमीत कौर, मरीज

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मुझे रात में नींद नहीं आने से बेचनी बनी थी। इसके लिए शहर में चिकत्सक को दिखाने के लिए पहंची थी। इस दौरान जहां पर अस्पताल में डाक्टर को दिखाने के लिए पहुंची, तो ओपीडी बंद मिली।

हरबंस कौर, गांव ठोल

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मरीजों ने किया नागरिक अस्पताल का रुख - नागरिक अस्पताल अंबाला शहर में नियमित रूप से 700 के करीब ओपीडी रही है, जो शुक्रवार को बढ़कर साढ़े आठ सौ हो गई

- अंबाला कैंट नागरिक अस्पताल में नियमित रूप से 1100 के करीब ओपडी रहती है, जो शुक्रवार को बढ़कर 1225 हो गई

Edited By: Jagran