छावनी की रंगिया मंडी में हादसे के बाद रोटी फॉर सोल संस्था पहुंची, आर्थिक सहायता देने की बात जागरण संवाददाता, अंबाला : छावनी की रंगिया मंडी में बेसहारा 6 बच्चों के रहने के लिए छत बनाने की अलख युवा अतुल महाजन ने जगा दी है। यह कारवां जिला प्रशासन की बेरुखी की वजह से सामाजिक लोग आगे बढ़ाएंगे, क्योंकि जिस छत को पक्का करने के लिए फार्म भरा था आज तक वह पैसा नहीं मिला। बुधवार रात वह कच्ची छत भी बारिश से ढह गई।

पड़ोसियों की मदद से उन्हें आनन-फानन में बाहर निकाला। संकट की इस घड़ी बेसहारा बच्चों की पहली जरूरत अब छत की है। इसीलिए शुक्रवार को रोटी फार सोल नामक सामाजिक संस्था रंगिया मंडी पहुंची। बेसहारा बच्चों और उनका पालन-पोषण करने में जुटी मौसी संगीता को आश्वासन दिया कि बच्चों की छत बनाने में संस्था सहयोग करेगी। बता दें कि मलबे में 20 वर्षीय अजय, 19 वर्षीय मीनाक्षी 15 वर्षीय खुशबू 13 वर्षीय गणेश व 5 वर्षीय जुड़वा ¨प्रस व राधिका दब गई थी। फोटो 28ए

भर चुके हैं फार्म

बेसहारा बच्चों का फिलहाल पालन पोषण में उनकी मौसी संगीता करने में लगी है और खुद पापड़ बनाती है जिससे घर का खर्च चलता है। उनके पति भी बेरोजगार है इसीलिए परिवार की जिम्मेदारी भी उनके ऊपर ही है। संगीता ने बताया कि करीब एक साल पहले उसने कच्ची छत को पक्का करने के लिए फार्म भरे थे लेकिन आज तक उनको कोई पैसा नहीं मिला है। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने परिवार की कोई सुध नहीं ली है।

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