जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : अंबाला में नई एलईडी लाइटों के टेंडर को लेकर अफसरशाही के तमाम प्रयास फेल होते नजर आ रहे हैं। एक वर्ष से भी नई एलईडी (इमिटिग डिवाइस) के लिए टेंडर का वर्क आर्डर नहीं किया जा सका है। इस वजह से नगर निगम सीमा में नई लाइटें नहीं लगी है। इस वजह से वार्डों की आंतरिक सड़कों पर अंधेरा पसरा हैं। इसके बाद लाइटों के टेंडर के लिए मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेजा था। इस पर मुख्यालय ने टेंडर को स्वीकृति देने से मना कर दिया। इस पर तर्क दिया कि मुख्यालय स्तर से नई एलईडी लाइटों के लिए टेंडर किया जा रहा है। यहां से अंबाला जोन के टेंडर में अंबाला, पंचकूला और कुरूक्षेत्र में नई लाइटें लगाई जाएगी, जबकि 14 महीने के बाद भी नई एलइडी लाइटों के लिए वर्क आर्डर नहीं मिला है। इस वजह से नगर निगम सीमा में एक वर्ष से लाइटें नहीं लगी है। इस वजह से वार्डों की आंतरिक सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। मजबूरी में निगम लाइटों की मरम्मत के कार्य में जुटा है।

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निगम सीमा के गांवों में भी नहीं लगी लाइटें

नगर निगम सीमा में करीब 12 गांवों को शामिल किया है, लेकिन एक वर्ष से निगम सीमा में आने वाले गांवों में लाइटें नहीं लगी है। इस वजह गांव की सड़कों पर रात में अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में रात में राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी होती है।

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पत्र भेजने का नहीं हुआ फायदा

मुख्यालय ने पत्र से से अवगत कराया कि मुख्यालय स्तर से नई एलईडी लाइटों के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। यहां से टेंडर फाइनल होने के बाद निगम सीमा में शामिल गांव, मुख्य सड़कों और गलियों में नई एलईडी लाइटें लगाई जाएगी। इसलिए निगम ने शहर में पुरानी लाइटों की मरम्मत का काम करा रहा है।गंभीर बात है कि नई एलईडी लाइटों के लगाने से पहले खराब लाइटों का मुख्यालय से सर्वे कराया जा रहा है, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है।

Edited By: Jagran