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कर्मभूमि एक्सप्रेस से 15 बच्चे रेस्क्यू

अंबाला कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर वीरवार दोपहर को पहुंची कर्मभूमि एकसप्रेस 02407 के विभिन्न कोच से 15 बचों को रेस्क्यू किया गया। बचपन बचाओ आंदोलन चाइल्डलाइन व रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इस दौरान एजेंटों की भी तलाश की गई लेकिन सभी फरार हो गए थे। एजेंट इन बचों को बाल मजदूरी के लिए न्यू जलपाईगुडी (बंगाल) से पंजाब ले जा रहे थे।

By JagranEdited By: Published: Fri, 29 Oct 2021 01:08 AM (IST)Updated: Fri, 29 Oct 2021 01:08 AM (IST)
कर्मभूमि एक्सप्रेस से 15 बच्चे रेस्क्यू

जागरण संवाददाता, अंबाला : अंबाला कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर वीरवार दोपहर को पहुंची कर्मभूमि एकसप्रेस 02407 के विभिन्न कोच से 15 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। बचपन बचाओ आंदोलन, चाइल्डलाइन व रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इस दौरान एजेंटों की भी तलाश की गई, लेकिन सभी फरार हो गए थे। एजेंट इन बच्चों को बाल मजदूरी के लिए न्यू जलपाईगुडी (बंगाल) से पंजाब ले जा रहे थे। बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने अपने संरक्षण में लिया है। इन सभी बच्चों को शेल्टर होम भेजा गया है, जहां इनकी काउंसलिग की जा रही है।

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इस तरह से हुई कार्रवाई

बचपन बचाओ आंदोलन ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दी थी कि कर्मभूमि एक्सप्रेस से काफी संख्या में बच्चों को बाल श्रम के लिए पंजाब ले जाया जा रहा है। इन बच्चों को अलग-अलग कोच में बिठाया गया है। इसी सूचना पर रेलवे चाइल्डलाइन, बचपन बचाओ आंदोलन और आरपीएफ की टीमों ने अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर सतर्क हो गई। इसी दौरान कर्मभूमि एक्सप्रेस रुकी तो टीम के सदस्य ट्रेन में चढ़ गए। कोच संख्या डी 15 की सीट नंबर 60, 65, 85, 90, 95, डी 14 की सीट संख्या 20, 65, डी 12 की सीट संख्या 95, 99, 45, 50, डी 11 की सीट संख्या 12, 15, डी 9 की सीट संख्या 10, 20, 95, 99, डी 6 की सीट संख्या में 75, 88 पर बच्चे मिले। इनमें से चार बच्चे बालिग मिले, जिन्हें जांच के बाद छोड़ दिया गया।

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बच्चों को शेल्टर होम लाया गया

रेस्क्यू किए गए बच्चों को अंबाला कैंट के बाल भवन स्थित शेल्टर होम लाया गया है। इन बच्चों का मेडिकल कराने के बाद इनके स्वजनों को बुलाया जाएगा। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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पहले भी इसी ट्रेन से रेस्क्यू किए गए थे बच्चे

कर्मभूमि एक्सप्रेस से पहले भी टीम ने कार्रवाई करते हुए बच्चों को रेस्क्यू किया है। तीन बार में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 18 बच्चों का रेस्क्यू किया गया था। इस बार पंद्रह बच्चों का रेस्क्यू किया गया है। पंजाब के कांट्रेक्टर बंगाल में लोगों के संपर्क में रहते हैं, जो इन बच्चों को विभिन्न फैक्ट्रियों में काम के लिए भेजते हैं।

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पूछताछ में कुछ बच्चों ने यह बताया

कुछ बच्चों से जब टीम ने बातचीत की तो उन्हेांने बताया कि वे घूमने आए हैं। एक बच्चे ने कहा कि वह अपने चाचा के साथ घूमने आया है। जब बच्चे से उसके चाचा का नाम पूछा गया तो वह नाम ही नहीं बता पाया। इन सभी बच्चों के नाम व पते नोट कर लिए गए हैं।

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सहारनपुर से ही जांच रहे थे

कर्मभूमि एक्सप्रेस को सहारनपुर से ही चेक किया जा रहा था। ट्रेन में कांस्टेबल बृजपाल सिंह, कांस्टेबल गुरविदर सिंह थे। दोनों ने इसकी सूचना अंबाला को दी थी, जिसके बाद अंबाला में गाड़ी को चेक किया गया। टीमों ने यहां पर चेकिग की और बच्चों को रेस्क्यू किया।


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