जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

चुनाव निपटने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों से लेकर कर्मचारी भी अपने-अपने कार्यालयों में लौट आए हैं। ऐसे में अब कृषि विभाग ने पराली जलाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके चलते किसानों के चालान किए गए हैं। वैसे तो कृषि विभाग ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए अगस्त माह से ही ही प्रयास कर रहा है। विभागीय कर्मियों ने गांवों में लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया था।

बता दें कि धान का सीजन चल रहा है। धान की कटाई के बाद खेत में धान की पराली बच जाती है। इसे किसान खेत को साफ करने के लिए उसमें आग लगा देते हैं। आग लगाने से पर्यावरण को नुकसान होता है। पर्यावरण को बचाए रखने के लिए कृषि विभाग ने पराली को जलाने पर अंकुश लगा दिया। यहां तक कि पराली जलाने पर जुर्माना के साथ सजा का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कृषि विभाग ने किसानों को गांव-गांव में जाकर जागरूक करना अगस्त में ही शुरू कर दिया था। सितंबर माह में भी सेमिनार भी लगाए गए। उसके बाद भी किसानों ने इक्का-दुक्का जगह पराली में आग लगा दी। इससे विभाग ने उन किसानों के चालान किए। ब्लाक वन के गांव जनसुआ में दो एकड़, सेगता में दो एकड़, नन्यौला में दो एकड़ पराली जा रही थी। इनका विभाग ने चालान किया। वर्जन

पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए विभाग ने अगस्त और सितंबर में किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया था। कुछ दिन पहले पराली जलाने वाले किसानों के चालान किए गए थे। अब तक चुनाव में ड्यूटी लगी हुई थी और अब फिर से सख्ती बरती जाएगी।

डॉ. रमेश आर्य, खंड कृषि अधिकारी

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