संवाद सहयोगी, मुलाना : कभी-कभी शांति बनाए रखने व आपसी मसलों का सुलह समझौता से हल निकल जाता है। समझौता बहुत बड़ी समस्याओं का हल कर देता है। यदि किसी एक समझौते से शांति बनी रहे तो क्यों न उस समझौते को अपनाया जाए। उक्त प्रवचन एसएस जैन सभा मुलाना के तत्वावधान में जैन स्थानक मुलाना में चातुर्मास के लिए विराजमान महासाध्वी कैलाशवती की सुशिष्या जैन साध्वी प्रचवन प्रभाविका सुयश प्रभा ने धर्मसभा में कही। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मनुष्य हर अपने जीवन काल में अपनी इच्छाओं, आकांक्षाओं सहित अपने हालातों से समझौता करता रहता है। तो क्यों न शांति व सुलह के लिए अपने व दूसरों से भी समझौता किया जाए। ताकि जीवन शांतिमय व सुखद बना रहे। समझौता करना हार मानना नहीं है, अपितु समझौता बड़प्पन दिखाना है ताकि समझौता करने वाला व्यक्ति अन्य लोगों के लिए एक आदर्श बने। साध्वी मधुर वक्ता अराधना ने भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। धर्मसभा में धनौरा, उगाला, बराड़ा, अधोया, यमुनानगर व अंबाला से श्रद्धालु पहुंचे थे।

जैन सभा प्रवक्ता श्रीपाल जैन ने बताया कि जैन सभा मुलाना में 26 सितंबर को सुबह 8 बजे से 10 बजे तक आत्म शुक्ल शिव कुसुम जयंती हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। इस मौके पर प्रधान अशोक जैन, यशपाल मलिक, राममूर्ति जैन, अशोक तलहेड़ी, सतीश शर्मा, उमेश गोयल, दिनेश गोयल, प्रवीण जैन, नवीन जैन, रामकुमार जैन, भूषण गोयल, अभय जैन, प्रशांत शर्मा, केवल अरोड़ा, अमीर चंद, बनारसी दास प्रजापत, चमन लाल, अशोक गोयल, राजीव बंसल जगमोहन जैन सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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