जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : राजीव गांधी खेल स्टेडियम में खेली जा रही नार्थ जोन सब जूनियर फुटबॉल चैंपियनशिप के अंतिम दिन पुल-बी की शीर्ष टीम के निर्धारण को लेकर हुआ मुकाबला विवाद की भेंट चढ़ गया। इस मैच में हरियाणा व उत्तर प्रदेश (उप्र) की टीमें आमने सामने थी। मैच में अंतिम सीटी बजने पर उप्र के तीन तो हरियाणा के दो गोल थे। अभी उप्र के खिलाड़ी ढंग से खुशी भी नहीं मना पाए थे कि हरियाणा की टीम ने मैच रेफरी के पास अपना विरोध जता दिया। इसके लिए बकायदा 10 हजार रुपये फीस जमा करा दी। हरियाणा के खिलाड़ियों का कहना था कि विरोधी टीम में विशाल ठाकुर अंडर-14 आयु वर्ग से ज्यादा उम्र का है। उसका मेडिकल कराया जाए। मामला मैच कमिश्नर के पास पहुंचने पर उप्र की टीम को खिलाड़ी का मेडिकल कराने को कहा गया लेकिन टीम ने इंकार कर दिया। इससे अब गेंद आल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के पाले में चली गई है। तब तक इस मैच के फाइनल नतीजे पर रोक रहेगी। इससे पहले पूल ए में पंजाब व चंडीगढ़ की टीम के बीच भी यही विवाद हुआ था। जब पंजाब चंडीगढ़ से 3-2 से हार गया तो प्रोटेस्ट फीस जमा कराकर दूसरी टीम के खिलाड़ी का मेडिकल कराया गया था। मेडिकल में खिलाड़ी मानकों से अधिक उम्र का पाया गया और पंजाब को विजयी घोषित कर दिया गया। अपने अपने पूल में शीर्ष रहने वाली टीमें ऑल इंडिया सब जूनियर नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में खेलेंगी।

शीर्ष स्थान के लिए खेले गए मैच में पहला गोल उप्र की तरफ से किया गया था और उसने कुछ समय बाद दूसरा गोल ठोक बढ़त बना ली थी। हालांकि, हरियाणा की टीम ने वापसी करते हुए मध्यांतर से पहले स्कोर को 2-2 से बराबर कर दिया था। वहीं, दूसरे हाफ में उत्तर प्रदेश की टीम ने मैच खत्म होने से दो मिनट पहले यानी 88वें मिनट में गोल कर दिया।

कीचड़ से सने मैदान में खेली टीमें

चैंपियनशिप के दौरान लगातार बरसात होती रही है। शनिवार तड़के भी बरसात हुई थी जिसके चलते मैदान पूरी तरह कीचड़ से सना था। मैच से पहले फुटबॉल फेडरेशन द्वारा कोई मिट्टी नहीं गिराई गई थी। इसके चलते खिलाड़ी कीचड़ में फिसलते रहे। मैच में ऐसा कई बार हुआ जब खिलाड़ी फिसल कर फुटबाल से अपनी पकड़ खो बैठे और जमीन पर गिर पड़े।

खेल मंत्री नहीं पहुंच पाए, डीसी ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को किया सम्मानित

चैंपियनशिप के अंतिम दिन खेल मंत्री अनिल विज को पुरस्कार वितरण समारोह में पहुंचना था लेकिन वह नहीं आ पाए और डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने प्रतिभागी टीमों को पुरस्कृत किया। हालांकि, हरियाणा व उत्तर प्रदेश का मैच विवाद में आने से पूल का निर्धारण नहीं हो पाया और विजेता टीम को ट्राफी नहीं दी जा सकी। पंजाब की टीम को पूल में शीर्ष रहने पर पुरस्कृत किया गया।

अब आल इंडिया फुटबाल फेडरेशन तय करेगी

हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन के महासचिव ललित चौधरी के मुताबिक हरियाणा की टीम को शुरू से ही खिलाड़ी विशाल ठाकुर के अधिक उम्र होने का संदेह था। टीम प्रोटेस्ट मनी जमा कराने के बाद मैदान में उतरी थी। हालांकि, उप्र की टीम ने अब खिलाड़ी का मेडिकल कराने से इंकार कर दिया है तो मैच का निर्धारण आल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन करेगी। इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा।

Posted By: Jagran