जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : बैंक खाता और आधार कार्ड का नंबर पीएम किसान सम्मान निधि योजना में रोड़ा बन रहे हैं। इस कारण जिले के करीबन साढ़े तीन हजार किसान इस योजना के लाभ को तरस रहे हैं। इनमें करीबन साढ़े तीन हजार किसानों के बैंक अकाउंट नंबर ही गलत पाए गए। इसी तरह अभी तक 41 किसानों के आधार कार्ड नंबर जांच में गलत पाये गए हैं। जैसे ही कोई किसान इसे दुरुस्त कराने पहुंच रहे हैं, तो विभाग साथ के साथ समाधान कर रहा है।

जिले के 48 हजार 118 किसान इस योजना से जुड़ चुके हैं। हालांकि किसी को पहली किस्त मिल पाई है, तो किसी को दो बार दो-दो हजार रुपये मिले हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों ने आवेदन किया हुआ है। उनमें से कई चक्कर भी लगा रहे हैं। इनमें से काफी किसान कृषि विभाग में राशि न मिल पाने के कारण चक्कर भी लगा रहे हैं। उनकी खामियों को विभाग दूर करने में लगा हुआ है।

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सालभर पहले शुरू की गई थी योजना

केंद्र सरकार ने दिसंबर, 2018 में किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। शुरुआत में पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को शामिल किया गया था। बाद में लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इसे अपने घोषणापत्र में शामिल किया और दोबारा सत्ता में आते ही वादा पूरा किया। योजना के तहत किसानों को साल भर में छह हजार रुपये दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में मिलते हैं। इस साल सरकार ने मार्च में पहली, अप्रैल में दूसरी और सितंबर में तीसरी किस्त जारी की थी।

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सीएससी पर आवेदन में करा सकते बदलाव

काफी हद तक किसानों के आवेदनों में कमियां मिल रही हैं। इन्हें विभाग की ओर से ब्लॉक कार्यालयों में भेजकर दूर कराया जा रहा है। उनके आवेदन में विसंगति है। उन्हें फोन कर बताया भी जा रहा है। साथ ही सीएससी को नामांकन में कोई भी बदलाव करने का अधिकार दिया गया है। कोई भी किसान जो पहले से ही लाभार्थी है और अपने नामांकन फार्म में बदलाव कराना चाहता है, तो वह करा सकता है।

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आवेदन पोर्टल पर डाले - 48188

किसानों को पहली किस्त - 46917

किसानों को दूसरी किस्त - 45766

किसानों को तीसरी किस्त - 44741

किसानों को चौथी किस्त - 35203

पौने तीन लाख एकड़ प्रोजेक्टेड क्षेत्र

दो लाख 75 हजार 577 एकड़ प्रोजेक्टेड क्षेत्र के चलते एक लाख एक हजार 936 एकड़ एरिया पंजीकृत किया जा चुका है। जिले में मेरी फसल मेरा ब्योरा में 19415 किसान पंजीकृत हो चुके हैं। जिले में 499 गांव है, जिनमें से 422 की मैपिग का कार्य पूरा किया जा चुका है। केवल 77 गांवों में मैपिग का कार्य लंबित है, जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। फोटो - 13

सुखविद्र सिंह ने बताया कि उसके ससुर लज्जाराम फतेहपुर 80 में रहते हैं और रिकॉर्ड में फतेहपुर 126 दर्ज हो गया। इस कारण योजना की राशि का लाभ नहीं मिल रहा है।

Posted By: Jagran

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