अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। गुजरात में मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी व उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल की अगुवाई वाली सरकार के पांच साल पूरे होने पर सरकार आठ दिन तक उत्‍सव मनाएगी। हितेंद्र देसाई, माधव सिंह सोलंकी व नरेंद्र मोदी के बाद लगातार पांच साल या उससे अधिक समय तक सत्‍ता में रहने वाले मुख्‍यमंत्रियों की फेहरिस्‍त में अब विजय रूपाणी का नाम भी होगा। सरकार समाज के प्रतिष्ठित लोगों के साथ मिलकर महिलाओं, आदिवासियों, युवाओं तथा किसानों के विकास के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी व उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल की अगुवाई वाली सरकार का गठन अगस्‍त, 2016 में हुआ था। तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री व उत्‍तर प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदी बेन पटेल के इस्‍तीफे के बाद राज्‍य की कमान विजय रूपाणी व नितिन पटेल ने संभाली। उनकी अगुवाई में ही 2017 का चुनाव लड़ा गया तथा भाजपा फिर सत्‍ता में आई। पांच साल पूरे होने पर सरकार लगातार आठ दिन तक उत्‍सव मनाकर विविध वर्गों के विकास पर मंथन करेगी।

सरकार एक अगस्‍त को ज्ञान शक्ति दिवस, दो अगस्‍त को संवेदना दिवस, चार अगस्‍त को नारी गौरव, पांच अगस्‍त को किसान सम्‍मान दिवस, छह अगस्‍त को रोजगार दिवस, सात को विकास, आठ को शहरी विकास तथा नौ अगस्‍त को विश्‍व आदिवासी दिवस के रूप में मनाएगी। मुख्‍यमंत्री, उपमुख्‍यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्‍य, सांसद, विधायक व समाज के प्रतिष्ठित लोग इसमें शामिल होंगे तथा गुजरात की विकास यात्रा का जश्‍न मनाएंगे। गुजरात की 1960 में स्‍थापना के बाद से अब तक हितेंद्र देसाई, माधव सिंह सोलंकी व नरेंद्र मोदी ही मुख्‍यमंत्री के रूप में पांच साल या उससे अधिक समय तक सत्‍ता में रहे हैं। अब इस सूची में विजय रूपाणी का भी नाम शामिल होगा। विजय रूपाणी ने सात अगस्‍त, 2016 में सत्‍ता की कमान संभाली थी। उनका जन्‍म दो अगस्‍त, 1956 को हुआ था। सरकार के पांच साल पूरे होने के उत्‍सव से पहले वे अपना 65वां जन्‍मदिन भी मनाएंगे।

पेगासस मामले में कांग्रेस करेगी राजभवन पर प्रदर्शन

पेगासस जासूसी मामले के सामने आने के बाद गुजरात कांग्रेस ने गत लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष व सांसद राहुल गांधी के फोन टेपिंग व हैकिंग का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को गुजरात के राज्‍यपाल आचार्य देवव्रत के समक्ष प्रदर्शन कर विरोध जताने का एलान किया है। कांग्रेस अध्‍यक्ष अमित चावड़ा, नेता विपक्ष परेश धनाणी सहित कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता व विधायक भी इसमें शामिल होंगे। कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि विपक्ष के नेता, जज, पत्रकार, वकील व कई जाने माने 300 लोगों के फोन टेप या हैक कर जासूसी करने का मामला सामने आया है। फ्रांस की सरकार इस मामले की जांच करा रही है, लेकिन भारत सरकार ऐसी किसी भी घटना से इनकार कर रही है। मोढवाडिया का आरोप है कि मध्‍य प्रदेश व कर्नाटक की कांग्रेस सरकार गिराने में भी इस कांड की भूमिका हो सकती है। साथ ही, उन्‍होंने यह भी कहा कि गुजरात के मुख्‍यमंत्री व उपमुख्‍यमंत्री के भी फोन टेप तो नहीं हुए, इसकी भी जांच कराई जानी चाहिए।