अहमदाबाद, जेएनएन। किसानों की कर्ज माफी व आरक्षण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल को चिकित्सकों ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है, उनके यूरिन में संक्रमण है तथा वजन भी घट गया है। हार्दिक के समर्थन में राज्यभर में गांव व शहरों में लोग प्रतीक उपवास कर रहे हैं। सरकार बातचीत की कोई पहल नहीं कर रही है, जिसके चलते कांग्रेस ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर, गुजरात दंगा मामलों में गुजरात सरकार पर निशाना साधने वाले पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट ने बुधवार को पाटीदार नेता हार्दिक पटेल से मुलाकात कर अपना समर्थन दिया। 

संजीव भट्ट ने कहा कि पुलिस अपनी ईमानदारी और फर्ज भूल रही है। गुजरात की पुलिस ने जनता का भरोसा तोड़ा है। पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट ने कहा कि हार्दिक किसान व युवाओं की आवाज उठा रहे हैं, इसलिए वे उनका समर्थन करते हैं। हाल ही अपने अवैध निर्माण को लेकर चर्चा में थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनका अतिक्रमण महानगर पालिका ने तोड़ दिया था।  

पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के संयोजक हार्दिक पटेल शनिवार से आमरण उपवास पर हैं, अब तक उनका डेढ से दो किलो वजन कम हुआ है। सोला सिविल अस्पताल की डॉ नम्रता वडोदरिया ने बुधवार शाम को हार्दिक की मेडिकल जांच के बाद उनहें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है। बीते चौबीस घंटे में हार्दिक का आधा किलो वजन कम हुआ है, लेकिन उनका बीपी व ब्लड प्रेशर सामान्य है। डॉक्टर ने हार्दिक को पेय पदार्थ अधिक पीने की सलाह दी है। हार्दिक व सरकार अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं, सरकार ने अभी तक उनकी कोई भी मांग स्वीकारने तथा बातचीत को लेकर पहल नहीं की है।

पाटीदार समिति के प्रवक्ता निखिल सवाणी का आरोप है कि हार्दिक से मिलने आने वालों को पुलिस रोक रही है तथा उपवास स्थल पर दूध, सब्जी, पानी आदि राशन सामग्री को भी पुलिस अटका रही है। हार्दिक के समर्थन में सूरत, जूनागढ़, अरवल्ली, जामनगर, राजकोट आदि शहरों व कई गांवों में महिला पुरुष व युवा प्रतीक उपवास कर रहे हैं। राजस्थान कांग्रेस के नेता डॉ प्रहलाद रघु, पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट आदि ने हार्दिक से मुलाकात कर आंदोलन का समर्थन किया। 

कांग्रेस विधायक हर्षद रिबडिया व ललित वसोया ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से हार्दिक की मांग स्वीकारने का आग्रह किया है, ऐसा नहीं करने पर आंदोलन के उग्र होने की चेतावनी के साथ कहा है कि लोग सड़कों पर उतरेंगे। रिबडिया ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश के किसान कर्ज में डूबे हैं, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र में किसानों के कर्ज माफ हो सकते हैं तो गुजरात में क्यों नहीं। कांग्रेस नेताओं ने मांग नहीं मानने पर लोगों के सड़कों पर उतर आने की चेतावनी दी है।

Posted By: Sachin Mishra