हत्या या आत्महत्या? वडोदरा में आयुर्वेद अस्पताल की मालिक, बेटे और बेटी की मौत बनी मिस्ट्री
वडोदरा में एक ही परिवार के तीन सदस्यों - मां, बेटे और बेटी - की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो ...और पढ़ें

वदोदरा में तीन लोगों की मौत बनी मिस्ट्री।
HighLights
वडोदरा में एक ही परिवार के तीन सदस्य मृत मिले।
पुलिस को आत्महत्या का संदेह, सुसाइड नोट नहीं मिला।
आयुर्वेद अस्पताल चलाने वाले परिवार की मौत बनी मिस्ट्री।
डिजिटल डेस्क, वडोदरा। गुजरात के वडोदरा शहर में बुधवार को एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इन तीनों की मौत का मामला मिस्ट्री बनता जा रहा है।
मृतकों की पहचान आरती सोनी (46), उनके बेटे नीलकंठ (27) और बेटी झलक (24) के रूप में हुई है। 47 वर्षीय आरती सोनी ने अपने परिवार के आयुर्वेद अस्पताल के विस्तार के बारे में बात की थी। इसके ठीक पांच दिन बाद बुधवार दोपहर को अहमदाबाद के पुराने शहर स्थित उनके घर में वे अपने बेटे और बेटी के साथ मृत पाई गईं।
तीनों की मौत को लेकर सवाल
परिवार के एक करीबी दोस्त के अनुसार, उन्होंने कुछ हफ्ते पहले ही एक फ्लैट भी बुक किया था। उनके बिजनेस पार्टनर केतन शाह ने बताया, "मुझे नहीं पता कि परिवार ने ऐसा कदम क्यों उठाया।" केतन, आरती के पति चेतन को जानते थे, जिनकी पिछले साल हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
आरती अपने बेटे और बेटी के साथ नरसिंहजी नी पोल स्थित अपने दो मंजिला घर के हॉल में छत के पंखे से लटके पाई गईं। उन्होंने बताया कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इन तीनों को ऐसा कदम उठाने के लिए किस बात ने मजबूर किया। साथ ही, मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
पुलिस ने क्या बताया?
अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार, आरती सोनी के पति की करीब एक साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। घरेलू सहायिका और परिवार के दोस्त को उनके शव मिले थे। यह घटना शाम करीब 4:30 बजे सामने आई, जब घर में काम करने वाली एक महिला वहां पहुंची और दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला।
उसने केतन से संपर्क किया और वह तुरंत मौके पर पहुंचे। कई बार दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने एक अतिरिक्त चाबी का इस्तेमाल करके घर के अंदर प्रवेश किया। पुलिस को शक है कि मौतें कुछ दिन पहले ही हो गई थीं। घटना की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घर से बदबू आ रही थी, जिससे संकेत मिलता है कि मौतें शायद कुछ दिन पहले ही हो गई थीं। अधिकारी ने कहा कि मौत का सही समय और परिस्थितियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकेंगी।
अभी तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है जिससे पता चले कि परिवार किसी आर्थिक या अन्य तरह की परेशानी से जूझ रहा था। जांचकर्ता रिश्तेदारों और परिवार के दोस्तों से पूछताछ करेंगे। परिवार आयुर्वेद अस्पताल और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाता था। पिछले साल चेतन की मौत के बाद आरती और उनके बच्चे ओल्ड पादरा रोड पर स्थित परिवार का आयुर्वेद अस्पताल संभाल रहे थे।
चेतन के दोस्त केतन ने अस्पताल में निवेश किया था और वह एक बिजनेस पार्टनर भी है। परिवार के पास आयुर्वेदिक दवाएं बनाने का लाइसेंस भी था और वे हलोल हाईवे के पास जरोद में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाते थे।
