गुजरात: ट्रेन हादसा कराकर यात्रियों को लूटने की थी साजिश, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
बोटाद अदालत ने ट्रेन को पटरी से उतारकर यात्रियों को लूटने की साजिश रचने वाले दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

बोटाद कोर्ट ने दो दोषियों को आजीवन कारावास सुनाया
HighLights
बोटाद कोर्ट ने दो दोषियों को आजीवन कारावास सुनाया
कर्ज चुकाने के लिए ट्रेन लूटने की साजिश रची थी
रेलवे ट्रैक पर गार्डर रखकर पटरी से उतारने का प्रयास
शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। बोटाद की जिला अदालत ने ट्रेन को पटरी से उतारकर यात्रियों को लूटने की खतरनाक साजिश रचने के दोनों दोषी को आजीवन कैद की सजा दी है। दोनों कर्ज में डूबे थे और आर्थिक तंगी से उबरने को यह साजिश रची थी।
ओखा- भावनगर एक्सप्रेस (19210) ट्रेन को 25 सितंबर 2024 की रात्रि करीब 3 बजे राणपुर तहसील के कुंडली रेलवे स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर आरोपियों ने रेलवे ट्रैक पर 4 फीट लंबा लोहे का गार्डर खड़ा कर पटरी से उतारने की साज़िश रची थी।
आरोपी रमेश कांजी सलिया (55) और जयेश उर्फ जालो नगरभाई बावलिया (24) दोनों पर कर्ज था,कर्ज उतारने के लिए उन्होंने ट्रेन को पटरी से उतारकर घायल यात्रियों को लूटने की योजना बनाई थी। इस साजिश के लिए दोनों ने 8-10 दिन तक यूट्यूब पर ट्रेन डिरेल करने और लूटपाट के वीडियो देखे थे।
इस घटना में ट्रेन लोहे के टुकड़े से टकरा गई जिससे इंजन का एयर प्रेशर लीक हो गया और इंजन फेल हो गया। ट्रेन पटरी से नहीं उतरी जिससे बड़ा हादसा टल गया। योजना विफल होने पर दोनों आरोपी पास के कपास के खेत से मोटरसाइकिल पल सवार होकर भाग गए थे।
बोटाद पुलिस के साथ रेलवे पुलिस, एलसीबी, एसओजी, गुजरात एटीएस और एनआईए की टीमों ने संयुक्त जांच करते हुए 1 अक्टूबर 2024 को आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
सरकारी वकील ने बताया कि इस केस में 15 प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और 55 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। लोको पायलट का बयान, रेलवे ट्रैक पर मिला लोहे का टुकड़ा और आरोपियों के मोबाइल से मिला यूट्यूब सर्च इतिहास अहम सबूत बना।
अदालत ने दोनों को भारतीय न्याय संहिता, रेलवे अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
