अहमदाबाद, जेएनएन। लाखों का माल लेकर बिल नहीं चुकाने पर एक फैक्ट्री मालिक ने खरीददार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन एक साल बाद जब उसे पता चला कि आरोपित की पत्नी कैंसर पीड़ित है तो उसने लोक अदालत में अपनी शिकायत वापस लेते हुए बकाया रकम भी माफ कर मानवता एक शानदार उदाहरण पेश किया।

प्रिंटिंग व पैकेजिंग का बिजनेस करने वाले महेन्द्र पटेल का कलोल तहसील के रनकपुर में प्राइवेट मल्टिटेक कंपनी है। उनकी कंपनी में प्रकाश पटेल डायरेक्टर हैं। उनकी कंपनी से फूड एवं फेब्रिक्स का कारोबार करने वाले संजय भाई (नाम परिवर्तित) ने 11 लाख रुपये का सामान खरीदकर 11 लाख रुपये का चेक दिया था, जो बाद में रिटर्न हो गया। इस बारे में कंपनी ने संजय भाई को बताया तो उन्होंने माफी मांगते हुए दूसरा चेक दिया। हांलाकि वह चेक भी रिटर्न हो गया।

प्राइड मल्टिटेक कंपनी के डायरेक्टर महेन्द्र पटेल ने अपने सह निर्देशक प्रकाश पटेल को संजयभाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का अधिकार दे रखा था। इससे प्रकाश पटेल ने 2016 में चेक रिटर्न का मामला दर्ज करवाया। प्राइड मल्टिटेक कंपनी के महेन्द्र पटेल ने बताया कि न्यायालय में मुकदमा चलने की तैयारी में था। उसी समय अभियुक्त ने अनुरोध किया कि उनके पास रुपये नहीं है।

पत्नी कैंसर की बीमारी से पीड़ित है और उनका कारोबार ठप गया है। उसके पास देने के लिए रुपये नहीं। उसे जेल में बंद करना है तो कर दें। संजय की बात सुनकर व्यापारी महेन्द्र पटेल का दिल पसीज गया। उन्होंने सोचा कि जब उसकी पत्नी कैंसर से पीड़ित है तो उसे जेल में भेजने अयोग्य है। जेल में भेजने के बाद भी उसे रुपये नहीं मिलने वाले है।

लोक अदालत में अभियुक्त संजय ने कहा कि भविष्य में उसकी परिस्थिति अच्छी होगी तो वह रुपये लौटा देगा। उसकी रुपये देने की तैयारी बताने पर व्यापारी ने मुकदमा वापस ले लिया।

 

Posted By: Sachin Mishra