अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात में अहमदाबाद के चांदखेड़ा पुलिस थाने की गिरफ्त से दो सेंधमार फरार हो गए। यह घटना उस समय हुई, जब पुलिस चार सेंधमारों को चिकित्सा के लिए अस्पताल ले गई थी। इनमें से दो सेंधमार पुलिस को धक्का देकर फरार हो गए, जिन्हें पुलिस देर रात तक खोजती ही रह गई। वहीं, गुजरात की 27 जेलों में से 972 विचाराधीन व सजायाफ्ता कैदी फरार हो गए हैं, जिन्हें अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। अहमदाबाद का फकीर महम्मद मकरानी नामक कैदी फरार हो गया था। पुलिस अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

कैदी अक्सर पुलिस पहरा और पैरोल पर छूट कर फरार हो जाते हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए फर्लो स्क्वॉड बनाया गया है। फर्लो स्क्वॉड को भी फरार कैदियों को गिरफ्तार करने में सफलता नहीं मिली है। राज्य की जेलों से फरार होने का सिलसिला पुराना है। कैदी अस्पताल में चिकित्सा के लिए ले जाते समय चिकित्सा के दौरान तथा जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो जाते हैं। अहमदाबाद की साबरमती जेल से भागा कैदी 46 वर्ष के बाद भी पकड़ा नहीं जा सका है। फकीर महम्मद नामक यह कैदी 1969 में हत्या के आरोप में साबरमती जेल आया था। वह साबरमती जेल से ही फरार हो गया था। गुजरात की बाहोश पुलिस उसे आज तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

इसके अतिरिक्त वडोदरा के जिला कारावास से पैरोल प्राप्त कर भागा कैदी गौतम जयंतिलाल परीख आज तक पकड़ा नहीं गया। उसे 1967 में गिरफ्तार किया गया था। उसे आर्मी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा का फैसला दिया था। इसकी फरारी को आज तकरीबन 49 वर्ष बीत चुके हैं। फिर भी वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस दौरान 10 तस्करों सहित 28 कैदी भूकंप के समय भी फरार हो गए थे। पुलिस अभी तक इन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है।  

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Posted By: Sachin Mishra

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