अहमदाबाद, जेएनएन। अहमदाबाद। गुजरात के तीन दिग्गज आईपीएस अचानक चर्चा में आ गए हैं। पुलिस विभाग के तीनों दबंग अधिकारी अलग-अलग मोर्चों पर सरकार से दो-दो हाथ कर रहे हैं। आईपीएस रजनीश रॉय इस्तीफा देकर, आईपीएस कुलदीप शर्मा जमानत के कारण तथा पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट पाटीदार नेता से मुलाकात के कारण चर्चा में आए हैं। 

गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में आईपीएस डीजी वंजारा, आईपीएस अभय चूडास्मा, राजस्थान के आईपीएस दिनेश एमएन को 2005 में अपने सीआईडी क्राइम के कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाकर गिरफ्तार करने के बाद से आईपीएस रॉय काफी चर्चित रहे। वे लंबे समय तक अवकाश पर रहे तथा बाद में सीआरपीएफ हैदराबाद में तैनात किए गए थे। एक कंपनी से 25 लाख रु की रिश्वत के मामले में लंबे समय से जेल में बंद पूर्व आईपीएस कुलदीप शर्मा बुधवार को जेल से रिहा हो गए, 10 साल पहले करीब शिपिंग ब्रेंकिंग यार्ड के निदेशक रहते शर्मा ने 25 लाख की रिश्वत ली थी, उन्हें गत मार्च में गिरफ्तार किया गया था।

जबकि पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट आरक्षण व किसानों की कर्ज माफी की मांग कर रहे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल से मुलाकात कर एक बार फिर चर्चा में हैं। भट्ट ने कहा कि सरकार उनकी बात नहीं मानने वाले अधिकारियों को प्रताडित करती है ताकि दूसरे अधिकारी उससे डरकर सरकार की हर बात मानते रहें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश व राज्य की जनता अच्छे अफसरों के साथ खडी नजर नहीं आती है तो उनहें सरकार व नेताओं से शिकायत करने का भी हक नहीं रह जाता है। भट्ट का यह भी कहना है कि गुजरात पुलिस धारा 144 का दुरूपयोग कर रही है, यह धारा कानून व्यवस्था के लिए जनता पर रोक लगाने के लिए नहीं। 

 

Posted By: Sachin Mishra