भुज, प्रेट्र। Spying Of IAF Station. पाकिस्तानी सीमा से सटे गुजरात के कच्छे जिले में स्थित नालिया वायुसेना स्टेशन के रडार की तस्वीर खींचने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ जासूसी का मामला दर्ज किया गया है। इनमें एक नाबालिग है। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस ने बताया कि वायुसेना के जवानों ने चारों आरोपितों को 29 जनवरी को प्रतिबंधित क्षेत्र की तस्वीर लेते हुए पकड़ा था। इसके बाद आरोपितों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया था। उनके हवाले से संवेदनशील रक्षा क्षेत्रों की तस्वीरें, मोबाइल फोन और कैमरा बरामद हुए थे। इस सिलसिले में शनिवार को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (ओएसए) की धारा तीन के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह धारा उन लोगों पर लगाई जाती है, जो प्रतिबंधित क्षेत्रों की जासूसी करते हुए पकड़े जाते हैं।

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के निरीक्षक अजय झाला ने बताया कि आरोपित वायुसेना स्टेशन के पास स्थित नालिया गांव के रहने वाले हैं। उनकी पहचान रफीक आजम, अरबाज इस्माइल उमर व अब्बास के रूप में हुई। एक आरोपित नाबालिग है। सभी के खिलाफ जासूसी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं की गई है।

इस बीच, गुजरात हाई कोर्ट ने वर्ष 2002 के नरोदा गाम दंगे की सुनवाई कर रहे विशेष एसआइटी जज एमके दवे का तबादला प्रधान जिला न्यायाधीश वलसाड के पद पर कर दिया है। इस दंगे में गुजरात की तत्कालीन नरेंद्र मोदी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रहीं माया कोडनानी भी आरोपित हैं। यह दंगा गोधरा कांड के बाद हुआ था।

शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, 'अहमदाबाद सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एमके दवे का तबादला वलसाड जिले के प्रधान न्यायाधीश पद पर किया गया है। उनकी जगह पर एसके बक्शी को नियुक्त किया गया है, जो अब तक भवनगर के प्रधान जिला न्यायाधीश थे।' जज दवे नरोदा गाम दंगे में अंतिम बहस की सुनवाई कर रहे थे। इस दंगे में अहमदाबाद के नरोदा गाम क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय के 11 सदस्य मारे गए थे। इसमें कुल 82 लोग आरोपित हैं।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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