अहमदाबाद, जेएनएन। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के बहाने लोगों को लाखों रुपयों का चूना लगाने वाले गिरोह के चार लोगों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इसमें दो युवतियां भी हैं। नकली कॉल सेंटर शुरू कर लोगों को अपना शिकार बनाने वाले गिराह का सरगना अनिल जोशी फरार हो गया है।

अहमदाबाद के सिद्धराज सिंह डाभी ने ऑनलाइन सर्च किया तो उसे ऋण दिलाने वाली एक वेबसाइड की जानकारी मिली। उसने संबंधित कागज अपलोड किए तो बैंकऑफ बड़ौदा के अधिकारी के तौर पर नेहा शर्मा और पापल शर्मा नामक युवतियों ने उनसे कहा कि उन्हें लोन की रिक्वेस्ट वाला आवेदन पत्र मिला है। वे लोन के प्रोसेस को आगे बढ़ाएं।

इसके बाद अलग-अलग फार्म भेजकर विविध चार्ज के लिए 1.06 लाख रुपये भी वसूल लिए। इसके बाद उसे खादी विलेज एंड इंडस्ट्रीज कमीशन, मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रोस्माल एंड मीडियम एंटरप्राइज भारत सरकार का एप्रूवल लेटर भी भेजा। इसके बाद इनका फोन बंद हो गया। सिद्धराज सिंह ने साइबर क्राइम में इसकी शिकायत दर्ज करवायी। साइबर क्राइम की टीम ने रोहिणी सेक्टर सात के एमएम प्लाजा से सागर शर्मा, सोनू उर्फ अमन सिंह, कंचन उर्फ आंचल चौहान, और सुमन पॉल को गिरफ्तार कर लिया। इन मामलों का सरगना अनिल जोशी फरार हो गया है। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि इन्होंने एक पेज बनाया है। यदि कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री मुद्रालोन सर्च करे तो पेज खुलता था। इसके सहारे यह गिरोह लोगों को अपना शिकार बनाता था।  

Posted By: Sachin Mishra