अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात में सर्दी कम होने के बावजूद एच-1 एन-1 वायरस स्वाइन फ्लू का कहर जारी है। सिर्फ दो महीने में प्रदेश में स्वाइन फ्लू रोग से पीड़ित मरीजों का आकड़ा 2000 को पार कर गया है। जिसमें अहमदाबाद में सबसे अधिक स्वाइन फ्लू के 655 मामले सामने आए हैं। प्रदेश में इस वर्ष स्वाइन फ्लू से 74 मरीजों की मौत हुई है।

गुजरात स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष राजस्थान के बाद गुजरात में सबसे अधिक स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। राजस्थान में स्वाइन फ्लू के 3508 मामले सामने आए है, जिसमें 127 लोगों की मौत हुई है, जबकि गुजरात में 2169 स्वाइन फ्लू के सामने आए हुए हैं, जिसमें 74 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, गुजरात में 2169 मरीजों में से 1342 मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई हैॉ, जबकि 661 मरीजों का उपचार जारी है। स्वाइन फ्लू के अहमदाबाद में सबसे अधिक 655 मामले आए हैं। जिसमें से सबसे अधिक 14 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

स्वाइन फ्लू की बीमारी भीड़ भाड़ वाले इलाके में ज्यादा फैलती है। इसलिए मीडिया व टेलीविजन पर विज्ञापन जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं, राज्य के सभी महानगरपालिका, पालिकाओं तथा स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा डोर टू डोर जाकर सभी लोगों की स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज किया जा रहा है। सिविल अस्पतालों में अलग-अलग स्वाइन फ्लू के वोर्ड बनाए गए हैं।

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा, स्वाइन फ्लू के रोकथाम के लिए सरकार गठित करे समिति

प्रदेश में स्वाइन फ्लू मामलों की गंभीरता को देखते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एक उच्च समिति गठन करने के आदेश दिए हैं और कहा कि यह समिति अस्पतालों का दौरा कर स्वाइन फ्लू के मरीजों के मरीजों को हो रही परेशानियां तथा चिकित्सा व उसके रोकथाम के उपाय बताए ।

गुजरात हाईकोर्ट के प्रभारी मुख्य न्यायाधीश अनंत एस दवे और न्यायाधीश बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने इस सबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से कहा कि जिस तरह राज्य सरकार विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करती है , उसी तरह स्वाइन फ्लू के रोकथाम के लिए स्वास्थ्य सचिव एक नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करें । यह समिति अस्पतालों का दौरा करें और स्वाइन फ्लू के मरीजों को होनेवाली समस्या, चिकित्सा संबंधी एक रिपोर्ट पेश करें साथ ही स्वाइन फ्लू के रोकथाम के लिए यह समिति अपने सुझाव दें।

इस वर्ष देशभर में स्वाइन फ्लू के मामले

राजस्थान 3508 127 की मौत

गुजरात 2169 74 की मौत

पंजाब 410 31 की मौत

मध्य प्रदेश 128 30 की मौत

हिमाचलप्रदेश 224 27 की मौत

महाराष्ट्र 330 17 की मौत

Posted By: Sachin Mishra

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