अहमदाबाद, जेएनएन। अहमदाबाद पुलिस ने असम और नगालैंड से लाकर गुजरात में बंधुआ रखकर मजूरी कराने वाले गिरोह का खुलासा कर 12 बाल मजदूरों सहित 94 श्रमिकों को तीन ठेकेदारों से मुक्त करवा कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। ये ठेकेदार कठवाड़ा तथा नरोड़ा जीआईडीसी की कंपनियों में काम करवाकर उनका आर्थिक शोषण करता थे। इन्हें उनकी इच्छा के अनुसार, वापस अपने प्रदेश नहीं जाने दिया जाता था। इन्हें एक फार्म हाउस में बंधुआ बनाकर रखा जाता था।

अहमदाबाद शहर के निकोल पुलिस को मुखबिरों से इसकी जानकारी मिली थी। पुलिस ने शनिवार की देर रात गोल्डन पार्क में छापा मारकर मुकेश रणछोड़ भरवाड़ को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह लेबर कान्ट्रेक्टर है और असम तथा नगालैंड से लोगों को लाकर यहां की कंपनियों में मजदूरी करवाता है।

पुलिस ने इसे अपने साथ रख कठवाड़ा जीआईडीसी स्थित जीएसपी क्रॉप साइंस नामक दवाई बनाने वाली कंपनी तथा नरोड़ा जीआईडीसी स्थित स्वाती कैमिकल कंपनी से 12 बाल मजदूर सहित कुल 94 श्रमिकों को उसके चंगुल से मुक्त करवाया। इन मजदूरों को एसपी रिंग रोड़ स्थित बाम्भा फार्म हाउस में बंधुआ बनाकर रखा जाता था। मुकेश ने कबूल किया कि उसने असम के निवासी उप कन्ट्रेक्टर सिनॉय हिलपुटी तथा नगालैंड के होतनबी आयोतू के द्वारा इन 94 श्रमिकों को अहमदाबाद लाया था।

मुकेश भरवाड़ गत 10 वर्ष से आसाम और नगालैंड से मजदूरों को लाकर कंपनियों में रखवा कर उनसे मजदूरी करवाता था। इसके बदले उन्हें बहुत ही कम मजदूरी दी जाती थी। वह कुछ रकम श्रमिकों और कुछ रकम उनके परिजनों को भेजता था। पुलिस इंस्पेक्टर एचबी झाला ने बताया कि 12 बालकों सहित कुल 94 श्रमिकों को ठेकेदारों के चंगुल से रिहा करवा कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

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Posted By: Sachin Mishra

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