गुजरात: राजकोट में 17 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, बिना मेडिकल की डिग्री के चला रहे थे क्लिनिक।
राजकोट पुलिस ने बिना वैध मेडिकल योग्यता या लाइसेंस के क्लिनिक चलाने वाले 17 फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है।

राजकोट में 17 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार। (फोटो-जागरण)
HighLights
राजकोट में 17 फर्जी डॉक्टर बिना मेडिकल डिग्री के गिरफ्तार।
गिरफ्तार अधिकांश आरोपी केवल 10वीं, 11वीं या 12वीं पास थे।
पुलिस ने 3 लाख रुपये से अधिक का मेडिकल सामान जब्त किया।
डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात के राजकोट जिले में पुलिस ने 17 फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। सभी गिरफ्तार लोगों पर आरोप है कि ये बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल योग्यता या लाइसेंस के क्लीनिक चला थे।
हैरानी की बात ये है कि पकड़े गए आरोपियों में से 14 लोग सिर्फ 10वीं, 11वीं या 12वीं तक पढ़े लिखे हैं। यानी इनमें से 14 लोगों के पास मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी चिकित्सकीय योग्यता नहीं थी।
इसके बावजूद ये लोग खुद को डॉक्टर की तरह पेश कर मरीजों का इलाज कर रहे थे। आरोपियों के पास एलोपैथिक चिकित्सा करने के लिए सरकार से मान्यता प्राप्त जरूरी डिग्री या लाइसेंस नहीं मिला है।
कंपाउंडर से बने डॉक्टर, 25 साल से चल रहा था खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी पहले किसी अस्पताल, क्लिनिक या मेडिकल स्टोर पर काम कर चुके थे। वहां असली डॉक्टर के सहायक के रूप में काम करते हुए इन्हें दवाइयों का थोड़ा-बहुत अनुभव मिला। इसी अनुभव के दम पर उन्होंने खुद का क्लिनिक खोल लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में से एक व्यक्ति पिछले 25 साल से और दूसरा 20 साल सेबिना किसी डिग्री के प्रैक्टिस कर रहा था। 17 आरोपियों में से 3 आरोपी 10वीं पास, 8 आरोपी 12वीं पास, 3 केवल 11वीं तक पढ़े हैं और 3 आरोपी ग्रेजुएट हैं। इनमें से किसी के पास भी एलोपैथिक चिकित्सा का लाइसेंस नहीं है।
3 लाख से ज्यादा का मेडिकल सामान जब्त
SOG की टीमों ने राजकोट जिले के पाटनवाव, जसदन, जेतपुर, शापर, कोटडासांगाणी, मेटोडा GIDC, पडधरी, गोंडल तालुका और जामकंडोरणा सहित कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई की।
राजकोट जिला पुलिस प्रमुख विजय सिंह गुर्जर के अनुसार, पुलिस ने सभी क्लिनिकों से कुल 3,05,229 रुपये का सामान और दवाइयां जब्त की हैं। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध क्लिनिक संचालक अपना-अपना क्लिनिक बंद कर मौके से फरार हो गए।
मेडिकल प्रैक्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज।
पुलिस ने सभी 17 आरोपियों के खिलाफ गुजरात मेडिकल प्रैक्टिस एक्ट-30 और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी डॉक्टरों ने अब तक कितने मरीजों का इलाज किया है और वे किस तरह की खतरनाक या प्रतिबंधित दवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में डॉक्टरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
