गुजरात में टेरर फंडिंग और ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, पुलिस ने 226 करोड़ रुपये के 'डर्टी क्रिप्टो नेटवर्क' का किया पर्दाफाश
गुजरात साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने 226 करोड़ रुपये के एक क्रिप्टो नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार आतंकवादी संगठनों, ड्रग्स नेटवर्क और डार्क वेब से जुड़े हैं।
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गुजरात में आतंकी फंडिंग से जुड़े 226 करोड़ के क्रिप्टो नेटवर्क का भंडाफोड़ (जागरण)

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जागरण ब्यूरो, अहमदाबाद। गुजरात साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने एक ऐसे क्रिप्टो नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसका सीधा संबंध आतंकवादी संगठनों की फंडिंग, ड्रग्स नेटवर्क और डार्क वेब से है।
इस ऑपरेशन में, पुलिस ने करीब 226 करोड़ रुपये के क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन का पता लगाया है और 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्रिप्टो नेटवर्क का भंडाफोड़
हमास सहित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से संबंधों की जांच में यह खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपियों में से एक मोहम्मद जुबैर पोपतिया का वॉलेट एक इजरायली एजेंसी ने फ्रीज कर दिया गया था। इस वॉलेट का 'दुबई कंपनी फॉर एक्सचेंज' के साथ सीधा लेन-देन था, जिसका संबंध 'हमास' से है।
इसके अलावा, इस नेटवर्क के तार यमन के आतंकवादी समूह 'अंसार अल्लाह' (हूती), ईरान के 'IRGC-QF' और रूस के प्रतिबंधित एक्सचेंज 'Garantex' से भी जुड़े पाए गए हैं।
कैसे काम करता था 'डर्टी क्रिप्टो' नेटवर्क?
यह गिरोह डार्क वेब पर 'ARTEMISLAB.CC' जैसी अवैध वेबसाइटों के जरिए ड्रग्स बेचने और पैसे की हेराफेरी (मनी लॉन्ड्रिंग) करने में शामिल था। वे अपने लेन-देन को छिपाने के लिए Monero जैसी गुमनाम क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करते थे।
वे इस 'डर्टी क्रिप्टो' को USDT में बदलते थे और इसे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्कों को भेज देते थे। पैसे की प्राप्ति 'अंगड़िया' या 'हवाला' के जरिए होती थी। गिरफ्तार आरोपियों और जब्त की गई चीजों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
मुंबई-हरियाणा से 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में मुंबई और हरियाणा से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अहमदाबाद के मोहसिन मोलानी, मोहम्मदजैद सिद्दीकी और नावेद पठान शामिल हैं।
शुरुआती जांच में पता चला है कि सलमान अंसारी नाम का एक व्यक्ति इस समय UK की जेल में बंद है और वहीं से इस ड्रग नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस ने 13 मोबाइल फोन, लैपटॉप और नकदी भी जब्त की है।
कानून कार्रवाई शुरू
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 111(2)(b) (आतंकवादी गतिविधियों में सहायता करना), 153, 61 और IT अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
साइबर क्राइम विभाग ने जनता से यह अपील भी की है कि वे कमीशन के लालच में आकर अपने बैंक खाते किसी को किराए पर न दें और न ही किसी भी तरह के अज्ञात क्रिप्टो लेन-देन में शामिल हों।
