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राजकोट गेमिंग जोन और बोट कांड में चार आईएएस अफसरों पर लटकी तलवार, कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

राजकोट गेम जोन अग्निकांड के पीड़ितों के परिवारों ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से जांच त्वरित सुनवाई और प्रत्येक परिवार को मुआवजा देने की मांग की। इसके अलावा वडोदरा हरणी बोट कांड को लेकर गुजरात हाई कोर्ट ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हरणी बोट कांड में दो शिक्षकों और 12 बच्चों की बोट पलट जाने से डूबकर मौत हो गई थी।

By Jagran News Edited By: Babli Kumari Wed, 10 Jul 2024 11:45 PM (IST)
राज्य के चार आइएएस अफसरों पर गिर सकती है गाज (प्रतिकात्मक फोटो)

राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। राजकोट गेमिंग जोन अग्निकांड के पीड़ितों ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मिलकर शीघ्र न्याय और उचित मुआवजे की मांग की है। वहीं, वडोदरा हरणी बोट कांड को लेकर गुजरात हाई कोर्ट ने महानगरपालिका के दो पूर्व आयुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सत्ता के दुरुपयोग एवं आपराधिक लापरवाही के मामले में राज्य के चार आइएएस अफसरों पर गाज गिर सकती है।

वडोदरा के हरणी तालाब बोट हादसे को लेकर राज्य सरकार ने तथ्य शोधक समिति बनाई थी। समिति की रिपोर्ट में वडोदरा महानगर पालिका के दो पूर्व आयुक्त एचएस पटेल एवं विनोद राव पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा था। पटेल जून 2016 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि विनोद राव शिक्षा विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

तत्कालीन आयुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश

हाई कोर्ट ने समिति की रिपोर्ट के आधार पर महानगरपालिका के दोनों तत्कालीन आयुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। हरणी बोट कांड में दो शिक्षकों और 12 बच्चों की बोट पलट जाने से डूबकर मौत हो गई थी। बोट चलाने के लिए कोटिया प्रोजेक्ट नामक कंपनी को ठेका दिया गया था। इसके टेंडर व लाइसेंस देने के दौरान पटेल व राव महानगरपालिका आयुक्त थे।

राजकोट TRP गेमिंग जोन हादसे को लेकर हुआ खुलासा

उधर, राजकोट टीआरपी गेमिंग जोन हादसे में राजकोट महानगर पालिका के तत्कालीन आयुक्त अमित अरोड़ा तथा आनंद पटेल की लापरवाही की बात सामने आ रही है। जांच के लिए बनी एसआइटी प्रमुख अतिरिक्त महानिदेशक सुभाष त्रिवेदी ने अग्निकांड के लिए महानगरपालिका, अग्निशमन अधिकारी तथा पुलिस को हादसे के लिए दोषी माना है। 2021 में गेमिंग जोन को लाइसेंस देने में महानगरपालिका के तत्कालीन आयुक्त अमित अरोड़ा की भूमिका संदिग्ध है। 2023 में गेमिंग जोन में आग की एक घटना हो जाने के बावजूद उसके अवैध रूप से संचालन के लिए आइएएस अफसर विनोद राव को दोषी माना जा रहा है।

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