अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। गुजरात के गांधीनगर में अपने ही नौ माह के पुत्र को गौशाला के बाहर लावारिस छोड़ने वाला सचिन दीक्षित अपनी लिव इन पार्टनर हिना का हत्‍यारा निकला। पत्‍नी व परिवार को गांधीनगर में छोड़कर सचिन सप्‍ताह में कुछ दिन हिना के साथ रहता था। सचिन परिवार के साथ उत्‍तर प्रदेश जाना चाहता था लेकिन हिना उसको अपने साथ ही रोकने का दबाव डाल रही थी। इसी बात पर दोनों में हाथापाई हुई और सचिन ने उसका गला दबाकर हत्‍या कर दी। पुलिस ने हत्‍या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। शिवांश को नारी संरक्षण गृह भेज दिया गया है, सोमवार को उसे अहमदाबाद के शिशु गृह में भेजा जाएगा।

 दो साल से लिव इन रिलेशन में था

 गांधीनगर रेंज पुलिस महानिरीक्षक अभय चूडास्‍मा ने बताया कि सचिन दीक्षित की पत्‍नी व परिवार के अन्‍य सदस्‍य गांधीनगर सेक्‍टर 26 में रहते हैं, वह हिना उर्फ मेहंदी पेथाणी नामक युवती के वडोदरा के वाघोडिया में करीब दो साल से लिव इन रिलेशन में रहता था। सप्‍ताह में चार पांच दिन वह हिना के साथ रहता तथा दो तीन दिन गांधीनगर अपने परिवार के साथ रहने आता था। सचिन व हिना के करीब नौ माह का एक बच्‍चा शिवांश है जिसे गत शुक्रवार रात्रि वह गांधीनगर में गौशाला के पास लावारिस छोड़कर चला गया था। बच्‍चे को अपने कब्‍जे में लेकर पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरु की तो उसे पता चला कि बालक को उसका पिता सचिन ही छोड़कर गया है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सचिन की पहचान

 पुलिस नियंत्रण कक्ष को जब इसकी सूचना मिली तो बच्‍चे के माता-पिता की तलाश करने को गुजरात पुलिस ने सौ अधिकारी व जवानों को काम पर लगाया है। एक टीम राजस्‍थान भेजी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सचिन की पहचान हुई तथा पुलिस की टीम ने उसे राजस्‍थान के कोटा से धर दबोचा। पूछताछ में सचिन ने हत्‍या की बात कबूल ली है। सचिन ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार को लेकर उत्‍तर प्रदेश जाना चाहता था इस दौरान ही हिना उसे रोकना चाहती थी, वह सचिन को अपने साथ स्‍थाायी रूप से साथ रखने की मांग कर रही थी। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ और सचिन ने उसका गला दबाकर हत्‍या कर दी तथा शव को बैग में डालकर वाघोडिया के दर्शनम ओएसिस फ्लैट की रसोई में डाल दिया।

कैसे हुई सचिन और हिना की मुलाकात

पुलिस ने बताया कि वर्ष 2018 में सचिन व हिना की मुलाकात हुई तथा 2020 तक ये दोनों लिव इन में रहने लगे। हिना इवेंट मैनेजमेंट का काम करती थी जबकि सचिन वडोदरा की एक निजी कंपनी में काम करता है। सचिन का परिवार मूल रूप से उत्‍तर प्रदेश का है जबकि हिना जूनागढ के केशोद गांव की है तथा बोपल में अपने रिश्‍तेदार के साथ रहती थी। बच्‍चे को गांधीनगर पेथापुर की गौशाला के बाहर लावारिस छोड़े जाने की घटना का भेद खोलने के लिए सौ पुलिसकर्मी इसकी जांच में जुटे तथा 14 टीमें बनाकर इसकी छानबीन की गई।

गृह राज्‍यमंत्री हर्ष संघवी ने गंभीरता से लिया तथा इस केस को सुलझने तक गांधीनगर नहीं छोड़ने का ऐलान भी किया। जब देर रात पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा उसके बाद ही वह सूरत में भाजपा की जनआशीर्वाद यात्रा में शामिल होने को निकले। भाजपा पार्षद दीप्‍ती पटेल ने करीब 24‍ घंटे तक सोला सिविल अस्‍पताल में इस बच्‍चे की देखभाल की। पुलिस ने शिवांश को नारी संरक्षण गृह में भेजा दिया है सोमवार को उसे अहमदाबाद के ओढव स्थित शिशुगृह लाया जाएगा।

 उधर सचिन के खिलाफ हत्‍या का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है। पुलिस ने वाघोडिया से हिना के शव को बरामद कर लिया है। उसकी पत्‍नी ने इस समूची घटना से अनजान होने की बात कही है। पुलिस ने हिना के रिश्‍तेदारों से भी पूछताछ की है। केशोद में रहने वाले हिना के काका मुनाभाई पेथाणी ने बताया सचिन के साथ उसके संबंधों की परिवार को जानकारी नहीं है, हिना का विवाह समाज के लडके से हुआ था लेकिन हिना ने उससे तलाक ले लिया था।

Edited By: Babita Kashyap