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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ahmedabad Verdict: अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में बड़ा फैसला, 38 को फांसी 11 को उम्रकैद

By Babita KashyapEdited By:
Published: Fri, 18 Feb 2022 07:53 AM (IST)Updated: Fri, 18 Feb 2022 02:55 PM (IST)

Ahmedabad Serial Bomb Blasts Case Verdict अहमदाबाद में 2008 के सीरियल ब्लास्ट केस में आज विशेष अदालत में सजा का ...और पढ़ें

2008 Ahmedabad Bomb Blast Case: विशेष अदालत में इस मामले में सजा सुनायी जाएगी
2008 Ahmedabad Bomb Blast Case: विशेष अदालत में इस मामले में सजा सुनायी जाएगी

अहमदाबाद, एएनआइ।गुजरात के अहमदाबाद में 2008 के सीरियल ब्लास्ट केस में विशेष अदालत ने 49 दोषियों के लिए सजा का ऐलान करते हुए 38 को फांसी और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही घायलों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है। बम धमाका प्रकरण में 13 साल बाद आए फैसले में विशेष न्यायाधीश ए आर पटेल ने 7 हजार 15 पेज का जजमेंट सुनाया। बता दें कि अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट से सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की गई थी। वहीं बचाव पक्ष ने कम से कम सजा की अपील कोर्ट की थी। गौरतलब है कि अहमदाबाद विस्फोट मामले में सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एआर पटेल ने 8 फरवरी को फैसला सुनाते हुए 49 आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत ने 77 में से 28 आरोपियों को बरी कर दिया था। आपको बता दें कि साल 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। इस घटना में 56 लोगों की मौत हुई थी, साथ ही 200 लोग घायल हो गए थे। यह दिल दहला देने वाली घटना 26 जुलाई 2008 को घटी थी। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए 21 सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इन धमाकों की गूंज से हर कोई स्तब्ध था।

घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान

अदालत ने बम धमाकों में मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख, घायलों को 50 50 हजार तथा मामूली रूप से जख्मी हुए लोगों को 25-25 हजार का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। सिलसिलेवार हुए बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी जबकि 244 के करीब लोग घायल हो गए थे। घायल हुए व्यक्तियों में अहमदाबाद शहर भाजपा के नेता प्रदीप परमार भी शामिल थे जो अब राज्य सरकार ने सामाजिक एवं न्याय मंत्री बनाए गए हैं।

8 फरवरी तक के लिए टाला गया फैसला

पहले 2 फरवरी को इस मामले में फैसला आना था, लेकिन स्पेशल कोर्ट के जज एआर पाटले कोरोना संक्रमित हो गए थे जिसके बाद इसे 8 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में एक घंटे के भीतर 21 बम धमाके हुए थे। अहमदाबाद पुलिस ने इस मामले में 20 प्राथमिकी दर्ज की थी। वहीं, सूरत में भी 15 और एफआईआर दर्ज की गईं थी। इन बम धमाकों में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी ने सभी आतंकियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।

19 दिन में 30 आतंकी गिरफ्तार

उस दौरान प्रदेश के मौजूदा डीजीपी आशीष भाटिया के नेतृत्व में तेज तर्रार अधिकारियों की टीम बनाई गई थी। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अहमदाबाद पहुंचे थे। बता दें कि 28 जुलाई 2008 को विस्फोट मामले की जांच के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था। महज 19 दिनों के अंदर पुलिस ने 30 आतंकियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद बाकी आतंकियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अहमदाबाद में हुए इन धमाकों से पहले आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन की इसी टीम ने जयपुर और वाराणसी में धमाकों को अंजाम दिया था।

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Historic Verdict - Death sentence to 38 convicts in Ahmedabad blast case. Familiar Names

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- Giriraj Singh (@girirajsingh) 18 Feb 2022