नई दिल्ली, जेएनएन। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ सुनीत शर्मा और गुजरात सरकार की रेजिडेंट कमिश्नर आरती कंवर ने वीरवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन की विशेषताएं बताईं।विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित नए भारत का नया स्टेशन गांधीनगर कैपिटल स्टेशन बनकर तैयार है। यह यात्रियों को अपने आकर्षक डिजाइन और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आपका अनुभव यादगार बना देगा। भारतीय रेल द्वारा गुजरात के गांधीनगर कैपिटल स्टेशन को अपग्रेड कर विश्वस्तरीय आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया गया है, ऐसा रेलवे स्टेशन अभी तक देश में कहीं और नहीं बना होगा। पीएम नरेंद्र मोदी 16 जुलाई को इसका वर्च्युअल लोकार्पण करेंगे। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला देश का पहला रेलवे स्टेशन तैयार हो चुका है। गांधीनगर कैपिटल पहला स्टेशन है, जिसके ऊपर फाइव स्टार होटल निर्मित हुआ है। यह स्टेशन यात्रियों को हवाईअड्डे जैसी सुविधाओं का एहसास कराएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट कई मायने में अनूठा है। पीएम मोदी 16 जुलाई को इस स्टेशन के अलावा वडनगर स्टेशन व छह अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।

ये हैं स्टेशन की विशेषताएं

इस स्टेशन के ऊपर 318 कमरों का फाइव स्टार होटल बनाया गया है। 50 स्तंभों (ढाई गुणा ढाई मीटर) पर होटल का निर्माण हुआ है। रेलवे स्टेशन से होटल 22 मीटर ऊपर शुरू हो जाता है। 7400 वर्गमीटर में बने होटल पर 700 करोड़ रुपये खर्च हुए हुए हैं। निजी कंपनी इसका संचालन करेगी। इसके दोनों तरफ अंडरपास बनाए गए हैं। होटल तक पहुंचने के लिए 1500 यात्रियों को स्टेशन पर हैंडल किया जा सकेगा। इसकी क्षमता 2200 तक बढ़ाई जा सकती है। परियोजना की परिकल्पना पर 2017 में काम शुरू हुआ था। रेलवे स्टेशन 100 फीसद दिव्यांगों के लिए अनुकूल होगा। रेलवे स्टेशन के दोनों ओर 105 मीटर की लोहे की मेहराब लगाई गई हैं, जिनमें कहीं पर जोड़ नहीं है। 1100 मीटर की खुली जगह व एक वातानुकूलित हाल उपलब्ध होगा। सामाजिक व पारिवारिक समारोह के लिए 93 करोड़ रुपये स्टेशन के नवनिर्माण पर खर्च किए गए हैं। स्टेशन पर तीन प्लेटफार्म, दो एस्कैलेटर्स, तीन एलिवेटर व दो पदयात्री सबवे का निर्माण किया गया है। आठ आर्ट गैलरी हैं, जिनमें गुजरात के ऐतिहासिक स्थलों व लोककला का प्रदर्शन किया गया है।

स्टेशन पर विशाल सर्वधर्म प्रार्थना खंड भी बनाया गया है। बेबी फीडिंग रूम, आडियो-वीडियो एलईडी स्क्रीन व अत्याधुनिक एसी वेटिंग रूम स्टेशन के खास आकर्षण होंगे। रेन वाटर हार्वेस्टिंग व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए गए हैं। गांधीनगर स्टेशन से सात ट्रेनें प्रतिदिन गुजरती हैं, जिनमें हाल में शुरू की गईं गांधीनगर-वाराणसी एक्सप्रेस व अहमदाबाद-वनेडा वाया वडनगर मेमू ट्रेन शामिल हैं। स्टेशन को 24 घंटे सातों दिन काम करने वाले ट्रांसपोर्ट व बिजनेस हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इन हब को 'रेलोपोलिस' के नाम से जाना जाएगा, जो कारोबारी अवसर व निवेश को आकर्षित करने में मददगार होंगे। ग्रीन सर्टिफिकेट एसोसिएशन ऑफ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री आफ इंडिया (एसोचैम) ने प्रदान किया है। जल्द ही खानपान, मनोरंजन व शापिंग सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। देशभर में 123 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

जानें-किसने क्या कहा

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने कहा कि यात्रियों की संतुष्टि के लिए रेलवे स्टेशनों को हवाईअड्डे की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। हमने स्टेशन पर उन सभी सुविधाओं के विकास की कोशिश की है, जिससे यात्रियों को संतुष्टि मिले। इसके जरिये हम राजस्व के नए स्त्रोत भी विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। यह नए भारत का नया स्टेशन है।

गरुड़ की हिस्सेदारी 74 फीसद
इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार लोहिया के मुताबिक, देश में पहली बार किसी रेलवे स्टेशन पर होटल का निर्माण हुआ है। यह गांधीनगर रेलवे एंड अर्बन डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (गरुड़) तथा भारतीय रेलवे का संयुक्त उपक्रम है। इसमें गरुड़ की हिस्सेदारी 74 फीसद है। 

मिलेंगी ये सुविधाएं

गरुड़ के संयुक्त प्रबंध निदेशक ने कहा कि महात्मा मंदिर के ठीक सामने निर्मित रेलवे स्टेशन व पांच सितारा होटल का फायदा वहां होने वाले आयोजनों के प्रतिभागियों को मिलेगा। महात्मा मंदिर में आयोजित सेमिनार, कांफ्रेंस व अंतरराष्ट्रीय स्तर की बिजनेस मीटिंग में शामिल होने वाले उद्यमियों, विक्रेता व खरीदारों को इससे बड़ी सुविधा होगी।

Edited By: Sachin Kumar Mishra