गुजरात: चुनाव में चर्चा कम, पर चंदा जुटाने में दिखाया दम... 5 सालों में छोटे दलों को मिले ₹9000 करोड़
भारत में राजनीतिक दलों ने पिछले पांच वर्षों में 9000 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा जुटाया है, जिसमें गुजरात के दलों की बड़ी हिस्सेदारी है।

चुनाव में चर्चा कम चंदा जुटाने में दिखाया दम।
शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। भारत में चुनावों को लोकतंत्र का पर्व कहा जाता है लेकिन इन चुनावों के पीछे कालाधन का खेल भी चलता है, और यह सब होता है चुनावी चंदे के नाम पर।
बीते पांच वर्ष में इन दलों ने 9 हजार करोड़ से अधिक रु जुटाए जबकि वर्ष 2024-2025 में न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी ने 271 करोड़, स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी ने 229 करोड़ जबकि गरीब विकास कल्याण पार्टी ने 170 करोड़ रुपये चंदे के रूप में जुटाए।
चुनाव आयोग के मुताबिक देश में 2 हजार से अधिक राजनीतिक दल हैं लेकिन चुनाव आयोग के पास 734 दलों का ही हिसाब किताब है। आयोग के पास पंजीक्रत एवं गैर मान्यता प्राप्त दलों ने बीते 5 वर्ष 2020 से 2024 में 9008,21 करोड़ रु का चंदा जुटाया। इनमें गुजरात में पंजीक्रत 6 दलों को सबसे अधिक 4 हजार 46 करोड़ रु का चंदा मिला।
चुनाव सुधार के लिए काम कर रही संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफोर्म्स एडीआर की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2024-2025 में न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी ने 271 करोड़ रु, स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी ने 229 करोड़, गरीब विकास कल्याण पार्टी ने 170 करोड़, राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी 55 करोड़ रु चंदे के रूप में जुटाए। इन दलों ने इसी वित्तीय वर्ष में अपनी अधिकांश आय को खर्च भी कर दिया।
दलों में नेशनल जनता दल, यूथ इंडिया पीस पार्टी, समता पार्टी आदि भी शामिल हैं। न्यू इंडिया यूनाइटेड को सबसे अधिक श्रीगोपीनाथ सिल्क मिल्स एलएलपी ने सबसे अधिक एक करोड़ 10 लाख रु 5 बार में दिये।
स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी को दीपक सिंह ने 41 बार में 41 लाख रु का चंदा दिया जबकि सबसे अधिक विग्नेश मेहता ने 60 लाख का चंदा दिया। भा गरीब विकास पार्टी को विशाल नरूला ने सर्वाधिक 38 लाख 50 हजार दिये जबकि अमित बंसल ने 23 लाख तथा 20 - 20 लाख रुपये पांच अन्य लोगों ने दिये।
भारतीय गरीब विकास कल्याण पार्टी जनवरी 2024 में पंजीक्रत हुई थी, इसने गत वित्त वर्ष में 170 करोड़ रुपये की आय घोषित की, जो बताता है कि नई पार्टियां भी चंदा बटोरने में पीछे नहीं है।
पंजीक्रत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने 20 हजार से कम वाले चंदे के रूप में 3,827.36 करोड़ रुपये जबकि 20 हजार से अधिक के चंदे के रूप में 5,180.85 करोड़ रुपये जुटाए।
एडीआर संयोजक पंक्ति जोग का का कहना है कि कई राजनीतिक दलों की रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं, जो वित्तीय रिपोर्टिंग में पारदर्शिता की बड़ी कमी को दर्शाता है।
वर्ष 2024-2025 में दान पाने वाली गुजरात की पार्टियां
भारतीय राष्ट्रीय जनता दल 198,84 करोड़
न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी 699 करोड़
स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी 75 करोड़
सत्यवादी रक्षक पार्टी 416 करोड़
सौराष्ट्र जनता पक्ष 211 करोड़
जन मन पार्टी 133,56 करोड़
जनसुराज को पीके ने दिये 10 करोड़ रुपये
बिहार विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लडकर एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी जनसुराज पार्टी को वर्ष 2024-25 में 99 करोड़ रु से अधिक का चंदा मिला। इसमें सबसे अधिक वेदास वेंचर्स ने 85 बार में 85 करोड़ रु का चंदा दिया।
इसके अलावा खुद प्रशांत किशोर ने 10 करोड़ रु दिये। 50 लाख या इससे अधिक का चंदा देने वालों में उदय सिंह, क्रष्ण लालपुरी, मीता गुलाटी का नाम शामिल है।
