गुजरात: दो नाबालिग लड़कियों के मतांतरण की साजिश नाकाम, 3 गिरफ्तार
गुजरात के गीर सोमनाथ से अगवा की गईं दो नाबालिग लड़कियों को मेहसाणा की उनावा दरगाह से बरामद किया गया है।

मेहसाणा की दरगाह में धर्म परिवर्तन का प्रयास
HighLights
गीर सोमनाथ से दो नाबालिग लड़कियों का अपहरण।
मेहसाणा की दरगाह में धर्म परिवर्तन का प्रयास।
तीन आरोपी गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत मामला।
शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। गुजरात के गीर सोमनाथ से दो लडकियों को अगवा कर उत्तर गुजरात की एक दरगाह में लाकर उनका धर्म परिवर्तन करने के प्रयास के आरोप में पुलिस ने 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बरामद लडकियों को हिजाब व बुर्का पहनाकर कलमा, नमाज पढाया गया तथा बहला फुसलाकर धर्म परिवर्तन करने का प्रयास किया गया।
गीर सोमनाथ के कोडीनार में दलित समुदाय की एक नाबालिग युवती को उसके मुंह बोले मामा अब्दुल सांढी ने बहला फुसलाकर उसकी एक अन्य नाबालिक साथी के साथ पहले गीर सोमनाथ लाया के वेरावल लाया गया तथा यहां से ट्रेन के माध्यम से उन्हें गांधीनगर व मेहसाणा के उनावा की दरगाह लाया गया।
पीडिता की मां ने गत 24 अक्टूबर को पुत्री के लापता होने की शिकायत कोडीनार पुलिस को दी। पुलिस ने तकनीकी सर्वेलांस व सीसीटीवी फुटेज की जांच कर लापता हुई दोनों नाबालिग को उनावा की दरगाह से बरामद किया।
पुलिस निरीक्षक एन वी हरियाणी ने बताया कि दरगाह में यह नाबालिग लडकियां बुर्के व हिजाब पहने मिली, यहां उन्हें हिन्दू धर्म छोडकर मुस्लिम धर्म अंगीकार करने को कहा गया तथा उनहें कलमा व नमाज पढाई गई। दोनों लडकियों को तथाकथित मौलवी आसिफ कवाली ने 16 वर्ष की उम्र के बाद विवाह कराने का भी प्रलोभन दिया।
आरोपियों ने इन लडकियों को बिना टिकट ट्रेन में यात्रा कराई तथा गांधीनगर में इनको एक हजार रु दिये गये जहां से मेहसाणा पहुंची यहां धोराजी का एक युवक इन्हें लेने पहुंचा।
पुलिस निरीक्षक हरियाणी ने बताया कि इस मामले में अब्दुल सांढी, शकीर पठान, आसिफ मौलवी को बीएनएस की धारा 137,2 87 तथा पॉक्सो एक्ट, एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विश्व हिंदू परिषद के गीर सोमनाथ महामंत्री पीयूष भट्ट ने बताया कि सौराष्ट्र की दो नाबालिग लडकियों को उत्तर गुजरात की दरगाह में ले जाकर उनको बुर्का पहनाकर कलमा व नमाज पढवाना धर्म परिवर्तन कराने की एक साजिश है।
यह लंबे समय से चल रही है, इसी दरगाह से ऊंझा मेहसाणा की एक लडकी को चार माह पहले छुडवा कर विहिप के कार्यकर्ताओं ने उसके परिजनों तक पहुंचाया था।
एडवोकेट अनवर हुसैन का कहना है कि तथाकथित मौलवी इस 600 वर्ष प्राचीन दरगाह में क्या कर रहा था, वह एक असामाजिक तत्व है। पुलिस को इन लडकियों को इतने दिन कहां ठहराया गया इसकी भी जांच करनी चाहिए, चूंकि दरगाह में ठहरने की व्यवस्था नहीं है।