बोझ लगने लगा था बच्चा तो पेट्रोल डाला और लगा दी आग... गुजरात में बाप ने ढाई साल के बेटे को उतारा मौत के घाट
गुजरात के सुइगाम में एक पिता ने अपने ढाई साल के बेटे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे उसकी ...और पढ़ें
-1792042042329_m.webp)
गुजरात में पिता ने ढाई साल के बच्चे को पेट्रोल डालकर लगा दी आग।
HighLights
पिता ने ढाई साल के बेटे को जलाया
बच्चे को बोझ समझने पर की हत्या
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार किया
डिजिटल डेस्क, कच्छ। गुजरात के वाव-थराद इलाके के सुइगाम से एक भयावह घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने कथित तौर पर अपने ढाई साल के बेटे पर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया।
बच्चे की मौत के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को स्थानीय श्मशान घाट में चुपके से दफनाकर अपराध के सभी निशान मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर हत्या तथा सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान अशोक रावल के रूप में हुई है।
वीडियो भी आया सामने
वहीं, एक विचलित कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें बुरी तरह झुलसा हुआ एक छोटा बच्चा अपनी मौत से पहले एक खाट पर बैठा दिखाई दे रहा है। बताया गया कि आरोपी की पत्नी मायके गई हुई थी और बेटे को देखभाल के लिए पिता के पास छोड़ गई।
बोझ लगने लगा था बच्चा
पुलिस शिकायत के अनुसार, पत्नी की गैर-मौजूदगी में अकेले बच्चे को पालने की जिम्मेदारी संभालने में हो रही कठिनाई के चलते पिता अपने बेबस बच्चे को एक बोझ समझने लगा था। 13 अक्टूबर की दोपहर को 1:00 बजे से 2:00 बजे के बीच आरोपी ने कथित तौर पर बच्चे पर पेट्रोल डाला और उसमें आग लगा दी।
हालांकि पिता बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले गया, लेकिन बुरी तरह जल जाने के कारण बच्चे की मौत हो गई। अपराध को छिपाने की कोशिश में पिता और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों ने बच्चे की मौत के तुरंत बाद उसके शव को एक सामुदायिक कब्रिस्तान में दफना दिया।
घटना का पता कैसे चला?
इस हत्या का पता तब चला जब आरोपी के चाचा बाबूभाई रावल को इस दुखद घटना के बारे में पता चला। अपने भतीजे की करतूत से स्तब्ध बाबूभाई सुईगाम पुलिस स्टेशन पहुंचे और उसके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने श्मशान घाट के लिए एक टीम भेजी, बच्चे के शव को बाहर निकाला और उसे विस्तृत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और जांचकर्ता इस जघन्य अपराध से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। सुईगाम के निवासी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि कोई माता-पिता अपने बच्चे के साथ इतनी बर्बर हरकत कैसे कर सकते हैं। वह भी उस उम्र में, जब बच्चे को सबसे ज्यादा देखभाल और सुरक्षा की जरूरत होती है।
