'कौन-सी किताब पढ़कर बनाया पेपर', गुजरात हाई कोर्ट ने GPSC को लगाई फटकार
गुजरात हाई कोर्ट ने GPSC को कौटिल्य के अर्थशास्त्र से संबंधित एक विवादास्पद प्रश्न पर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ...और पढ़ें

गुजरात हाई कोर्ट ने GPSC को लगाई फटकार

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात हाई कोर्ट ने गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) की कार्यप्रणाली और उसकी उत्तर पुस्तिकाओं की सटीकता को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल, मामला एक प्रतियोगी परीक्षा में कौटिल्य के अर्थशास्त्र से संबंधित एक विवादास्पद प्रश्न से जुड़ा है।
GPSC के इस विवादास्पद प्रश्न के उत्तर को याचिकाकर्ता ने चुनौती दी। जिसके बाद यह मामला होई कोर्ट पहुंच गया। कोर्ट ने GPSC से 1915 में प्रकाशित आर. शामशास्त्री के पहले अंग्रेजी अनुवाद की मांग की है, जिसके आधार पर सवाल तैयार किया गया था।
कोर्ट ने मांगी मूल पुस्तक
होई कोर्ट में सुनवाई के दौरान GPSC कोई भौतिक पुस्तक या विश्वसनीय संस्करण पेश करने में विफल रहा। GPSC की ओर से सिर्फ एक इंटरनेट से डाउनलोड की गई PDF फाइल सौंपी गई। जिसका स्रोत वह खुद स्पष्ट नहीं कर पाए।
किस आधार पर तैयार किया गया प्रश्न
जिसके बाद जस्टिस निरजर देसाई ने आयोग की इस लापरवाही और अपनी गलती न स्वीकार करने की जिद पर तीखी आलोचना की। हाई कोर्ट ने सवाल उठाया है कि जब आयोग के पास ग्रंथ की कोई प्रामाणिक प्रति ही मौजूद नहीं है, तो परीक्षार्थियों के भविष्य का फैसला करने वाला सवाल किस आधार पर तैयार गया, कौन सी किताब पढ़कर पेपर बनाया गया है।
