वकीलों के विरोध के बाद गुजरात रेंट बिल पर झुकी सरकार, विधेयक को राज्यपाल से नहीं मिली मंजूरी
गुजरात सरकार वकीलों की राज्यव्यापी हड़ताल के बाद किराया विधेयक 2026 पर पीछे हट गई है। महाधिवक्ता ने उच्च न्यायालय ...और पढ़ें

गुजरात सरकार किराया विधेयक 2026 पर वकीलों के विरोध से झुकी

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डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात किराया विधेयक 2026 में संपत्ती व किराया विवाद जैसे मामलों के लिए ट्रीब्यूनल बनाने के सरकार के ऐलान के खिलाफ सोमवार से राज्यभर में वकीलों की हडताल के ऐलान के बाद राज्य सरकार बैकफुट पर आ गई।
राज्य सरकार के महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने न्यायालय को बताया कि इस विधेयक को राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मंजूरी नहीं मिली है, राज्य में पुराना कानून ही अमल में है।
वकीलों ने की हड़ताल
अहमदाबाद के मेट्रो, सिटी सिविल व स्मॉल कॉज बार ऐसोसिएशन से जुडे हजारों अधिवक्ता तीन दिन से हडताल पर हैं, अकेले अहमदाबाद में तीस हजार से अधिक मामले अधर में लटके हैं।
सिटी सिविल कोर्ट व स्मॉल कॉज बार ऐसोसिएशन की हडताल में राज्य के 182 बार काउन्सिल के शामिल होने तथा सैशंस कोर्ट, हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन तथा बार काउन्सिल ऑफ गुजरात के समर्थन में आ जाने के बाद सरकार के महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने उच्च न्यायालय में एक सुनवाई के दौरान बताया कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत की ओर से इस विधेयक को मंजूरी नहीं मिली है तथा राज्य में पुराना किराया कानून ही अमल में है।
त्रिवेदी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ बार काउन्सिल तथा अन्य संगठनों की एक बैठक के बाद इस मामले में सकारात्मक निर्णय किया जाएगा।
ट्रीब्यूनल ने फैसले में क्या कहा?
गौरतलब है कि गत 11 सितंबर को विधानसभा के मानूसन सत्र के दौरान शहरी विकास मंत्री कनुभाई देसाई ने गुजरात भाडा विधेयक 2026 प्रस्तुत किया था जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
उन्होंने बताया था कि इस कानून के तहत गुजरात में मकान मालिक व किराएदार के बीच के किराया व मालिकाना हक संबंधी विवादों को रेंट ट्रीब्यूनल, रेंट कोर्ट व रेंट ऑथोरिटी में सुना जाएगा।
बार काउन्सिल ऑफ गुजरात के सह अध्यक्ष अधिवक्ता अनिल केला ने बताया कि सिटी कोर्ट व स्मॉल कॉज बार एसोसिएशन ने इसके खिलाफ हडताल को ऐलान किया था। संपत्ती विवाद को न्यायिक प्राधिकरण से निकालकर सरकारी अधिकारी को सौंपने पर उनको ऐतराज है।
केला ने बताया कि उपमुख्यमंत्री के साथ बार काउन्सिल की बैठक के बाद ही हडताल खत्म होगी, सोमवार को राज्यभर के शहर, जिला एवं तहसील स्तर पर 182 बार एसोसिएशन से जुडे वकील हडताल पर रहे।
