यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Abdul Majeed Kutty: दाऊद इब्राहिम के सहयोगी अब्दुल मजीद कुट्टी को गुजरात एटीएस ने किया गिरफ्तार
Abdul Majeed Kutty दाऊद के सहयोगी अब्दुल मजीद कुट्टी को झारखंड के जमशेदपुर से गिरफ्तार किया गया। वह 1997 में ...और पढ़ें

अहमदाबाद, एएनआइ। Abdul Majeed Kutty: गुजरात एटीएस की टीम ने शनिवार को दाऊद इब्राहिम के सहयोगी अब्दुल मजीद कुट्टी को झारखंड के जमशेदपुर से गिरफ्तार किया है। मजीद 1997 में गणतंत्र दिवस पर गुजरात और महाराष्ट्र में बम विस्फोट करने के लिए एक पाकिस्तानी एजेंसी के इशारे पर दाऊद इब्राहिम द्वारा भेजे गए विस्फोटकों से संबंधित एक मामले में शामिल था। वह 24 साल से फरार चल रहा था। एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, वह केरल का रहने वाला है। वह 1996 में 106 पिस्तौल, 750 कारतूस और करीब चार किलो आरडीएक्स इकट्ठा करने में शामिल था। पहले अन्य आरोपित पकड़े गए थे, लेकिन मजीद 24 साल से फरार चल रहा था। इससे पहले अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के खास रहे बदमाश इकबाल मिर्ची की मुंबई स्थित तीन अचल संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय ने जब्त किया था। पांच सौ करोड़ रुपये मूल्य की इन संपत्तियों को केंद्र सरकार के दो कानूनों के तहत जब्त किया।
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ईडी के अनुसार, मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू नाम की इमारतों को जब्त किया गया है। इन अचल संपत्तियों को साफेमा (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनीपुलेटर्स एक्ट) और एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज) के तहत जब्त किया गया है। जब्ती की कार्रवाई नौ नवंबर को की गई। जब्त की गई तीनों इमारतों में इकबाल मिर्ची और उससे जुड़े लोगों की अवैध कमाई लगे होने के सुबूत मिले थे। सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिए गए जब्ती आदेश में तीनों इमारतों से संबंधित देनदारियां और निवेश शून्य घोषित कर दिया गया।
अब उन पर कोई व्यक्ति या संस्था किसी तरह का दावा नहीं कर पाएंगे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इकबाल मिर्ची के खिलाफ मनी लांड्रिंग केस (अवैध रूप से धन देश से बाहर ले जाने का मामला) दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने इसी मामले में तीनों इमारतें कब्जे में ले रखी थीं। लेकिन 2013 में लंदन में उसकी मौत हो गई। इसके बाद 2019 में मुंबई पुलिस ने उसके रिश्तेदारों और अन्य लोगों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए। ईडी को शक है कि मुंबई और इसके आसपास मिर्ची की कई और अचल संपत्तियां हैं। इनमें से कुछ रिश्तेदारों या छद्म नामों से खरीदी हो सकती हैं।